बलरामपुर के रामगढ़ मैटहवा गांव में पिता के कंधे पर बैठकर बाहर जाते बच्चे ।-संवाद
महराजगंज तराई। पहाड़ी क्षेत्रों में बृहस्पतिवार रात हुई तेज बारिश से शुक्रवार सुबह खरझार नाला उफान पर आ गया। अचानक बढ़े जलस्तर ने तराई क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी। रामगढ़ मैटहवा, विजयीडीह, सुगानगर और जगराम पुरवा समेत कई गांवों में नाले का पानी घरों तक घुस गया है। वहीं, लहेरी-विजयी डीह मार्ग डूबने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। वहीं, प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में भी पानी भर गया है।
रामगढ़ मैटहवा गांव के मुस्तफा, मंगल, बब्बू यादव का कहना है कि शुक्रवार की सुबह सात बजे अचानक गांवों में घुसे पानी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। घरों में पानी घुसने से बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए परेशान हैं। कई परिवार चूल्हा-चौका तक नहीं जला पा रहे हैं और खुले आसमान के नीचे शरण लेने को मजबूर हैं। विजयीडीह गांव के रामअचल, मन्नू ने बताया कि गांव में सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी और पशुओं के चारे की है। कुओं और हैंडपंपों का पानी गंदा हो गया है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं, पशुओं के लिए हरा चारा और सूखा भूसा डूबने से संकट खड़ा हो गया है।
ग्राम प्रधान तुलाराम यादव, धनीराम वर्मा, रामकुमार, कैलाश यादव और नूरुल सलाम ने बताया कि खरझार नाला हर साल गांवों में तबाही मचाता है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। तटबंध लगातार कट रहे हैं, जिससे पानी सीधा गांवों में घुस जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत सामग्री, साफ पानी और मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही तटबंध की मजबूती और स्थायी समाधान के लिए भी कार्य कराने की मांग रखी है।
स्थिति पर है पूरी नजर
खरझार नाले में उफान से गांवों में पानी पहुंचा है। निगरानी की जा रही है, पानी ज्यादा देर तक नहीं रुकता है। राजस्व टीम को गांव में भेजा गया है, स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
राकेश कुमार जयंत, एसडीएम तुलसीपुर