बलरामपुर। केसीसी ऋण वाले किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा न कराने की सूचना बैंकों को देनी होगी। लिखित सूचना न देने पर बैंक प्रीमियम काटकर फसल बीमा स्वयं करा लेंगे।
सूखा, बाढ़ व ओलावृष्टि जैसी तबाही से फसलों के नुकसान की भरपाई में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए वरदान है। जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने जिले के किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने की अपील की है। फसल बीमा से किसानों को नुकसान की भरपाई हो सकेगी।
जिला कृषि अधिकारी ने बीते दिन बताया कि सूखा, बाढ़ व ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद होने पर किसानों को बीमा के माध्यम से नुकसान की भरपाई सुनिश्चित कराई जाएगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा में गेहूं, मसूर व सरसों की फसलें शामिल की गई हैं।
जन सेवा व लोकवाणी केंद्रों से प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए किसानों को ऑनलाइन सुविधा दी गई है। गेहूं फसल का प्रति हेक्टेअर 59117 रुपये का 1.5 प्रतिशत 886.72 रुपये प्रीमियम देना होगा।
मसूर में प्रति हेक्टेअर 42374 रुपये का 1.5 प्रतिशत 635.61 रुपये और सरसो में प्रति हेक्टेअर 37471 रुपये का 1.5 प्रतिशत 562.07 रुपये बीमा राशि का भुगतान करना होगा। 31 दिसंबर तक ही प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने का अवसर मिल सकेगा। गैर ऋणी किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा में किसानों को आधार कार्ड, राशन कार्ड व बैंक पासबुक की छायाप्रति देनी होगी। बटाई करने वाले किसानों को भी खेत मालिक के साथ इकरार की छायाप्रति के साथ खेत व खसरा नंबर देना होगा। अधिक जानकारी के लिए उप कृषि निदेशक व जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के साथ राजकीय कृषि बीज भंडारों से भी संपर्क कर सकते हैं।
केसीसी ऋण वाले ऐसे किसान जो प्रधानमंत्री फसल बीमा नहीं कराना चहते हैं वह अंतिम तिथि से सात दिन पहले 24 दिसंबर तक उन्हें अपने संबंधित बैंक में हर हाल में सूचना देनी होगी। अन्यथा बैंक की तरफ से केसीसी खाते से प्रीमियम काटकर बीमा करा लिया जाएगा।