उतरौला (बलरामपुर)। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर उतरौला तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। डीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाकर राजस्व निरीक्षक पर कार्रवाई की है। साथ ही विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उतरौला एसडीएम की जांच रिपोर्ट में शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने और पैसे के लेनदेन के आरोप में राजस्व निरीक्षक पर गाज गिरी है।
डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने शुक्रवार को बताया कि उतरौला तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक कप्तान मिश्र के खिलाफ भ्रष्टाचार व पैसे के लेनदेन की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई। उतरौला एसडीएम संतोष कुमार ओझा ने जांच रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध कराई। राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कपौवा शेरपुर के वायरल फोटो के बारे में जांच की गई। ग्राम प्रधान इटईमैदा की ओर से उनके प्रतिनिधि के रुप में निजामुद्दीन उर्फ मिज्जन ने 24 मई को गांव के आम रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने के लिए एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए राजस्व निरीक्षक कप्तान मिश्र को पुलिस टीम के साथ अवैध कब्जा हटवाने की जिम्मेदारी सौंपी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले के निस्तारण में आनाकानी की और बाद में पैस की मांग की। शिकायतकर्ता ने पैसे देने से इंकार कर दिया। विपक्षियों से मिलकर राजस्व निरीक्षक मामले को रफा-दफा करने में लग गए। शिकायतकर्ता ने राजस्व निरीक्षक का विपक्षियों के साथ पैसे के लेनदेन का फोटो खींचकर वायरल कर दिया। रास्ते का अतिक्रमण नहीं हटवाया गया। एसडीएम ने शिकायतकर्ता से फोटोग्राफ व अन्य साक्ष्य मांगा, लेकिन वह दो फोटोग्राफ के सिवा अन्य कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सका। राजस्व निरीक्षक कप्तान मिश्र का 29 मई को बयान दर्ज कराया गया, जिसमें कहा गया है कि एसडीएम के आदेश पर उन्होंने लेखपाल व पुलिस टीम के साथ 22 मई को मौके पर पहुंचकर रास्ते व घूर गड्ढे की पैमाइश की। टीम ने शिकायतकर्ता पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया।
बीते 23 मई को चेनमैन कुछ सामान लाने के लिए पैसे दे रहा था, तभी शिकायतकर्ता व उनके लड़के ने उनके आवास पर पहुंचकर गोपनीय ढंग से उनका फोटो खींच लिया। चेनमैन शुभम श्रीवास्तव ने अपने बयान में पैसे का लेनदेन करने के आरोप निराधार बताया है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राजस्व निरीक्षक के साथ संबद्घ चेनमैन की ओर से पंखे लाने के लिए दो हजार रुपये दिए जाने का उल्लेख किया गया है, जो तार्किक प्रतीत नहीं होता है। चेनमैन का राजस्व निरीक्षक से धन प्राप्त किया जाना सर्वथा अनुचित है। प्रश्नगत प्रकरण में राजस्व निरीक्षक की ओर से घोर लापरवाही बरती गई है, जिससे राजस्व प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। एसडीएम की रिपोर्ट पर डीएम ने राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच का आदेश दिया है।