फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाला किशोर न्याय बोर्ड का बाबू गिरफ्तार

विज्ञापन
अमित कुमार।-स्रोत: विभाग
विज्ञापन
बलरामपुर। महिला कल्याण विभाग में एक लाख रुपये वसूल कर केस वर्कर के पद का फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाले बाबू को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। किशोर न्याय बोर्ड में बड़े बाबू के पद तैनात अमित कुमार ने पचपेड़वा के आकाश कुमार गुप्त को फर्जी नियुक्ति दी थी। यही नहीं दो महीने तक फर्जी नियुक्ति पत्र पर पचपेड़वा में कार्यभार ग्रहण कराकर ड्यूटी भी कराई। वेतन मांगने पर धमकी दी थी, पीड़ित ने 7 नवंबर को कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

एसपी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी के साथ दो अन्य का भी नाम सामने आया था। इनमें एक व्यक्ति संतोष कुमार को 8 नवंबर को ही गिरफ्तार किया गया था। आरोपी अमित कुमार से पूछताछ में यह पता चला कि संतोष बाहरी व्यक्ति है और उनके लिए युवकों को झांसा देने का काम करता था। बताया कि प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी को पता चला कि आरोपी अमित कुमार उर्फ बड़े बाबू नीलकोठी के पास मौजूद है। घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। आरोपी बाबू मूल रूप से बलिया जनपद के मनियर गांव का रहने वाला है। वह महिला कल्याण विभाग में कार्यरत था, जिसकी तैनाती इस समय किशोर न्याय बोर्ड में थी। मामले में अभी छितौनी गनवरिया निवासी राजीव श्रीवास्तव की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एसपी ने बताया कि पुलिस टीम राजीव की तलाश कर रही है।
तीन लोग मिलकर युवाओं से करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक आरोपी बाबू अमित कुमार से पूछताछ में अहम जानकारी मिली है। पूछताछ में पता चला कि जब वह विकास भवन में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था, तभी उसकी मुलाकात राजीव श्रीवास्तव से हुई, जिसने उनकी पहचान संतोष कुमार से कराई। तीनों ने मिलकर बेरोजगार युवाओं को चाइल्ड लाइन में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र बनाना और पैसा वसूलना शुरू किया। हर भर्ती में तीनों बराबर का हिस्सा बांटते थे। आकाश गुप्ता से भी इन्हीं दोनों साथियों ने मिलवाया था और उससे एक लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया गया।
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर के भी दो युवकों के साथ कर चुका है ठगी
सिद्धार्थनगर जिले के इटवा निवासी संतोष कुमार गुप्त और एक अन्य के साथ भी ठगी कर चुका है। संतोष गुप्त ने सबसे पहले 18 जनवरी 2025 को ही आरोपी बाबू अमित कुमार की शिकायत विभाग में की थी। जांच में आरोपों की पुष्टि भी हुई थी, यह अलग बात है कि दूसरा युवक सामने नहीं आया था। इस तरह अमित की ठगी का जाल कई जिलों तक फैला था। कुछ मामले अभी सामने आने बाकी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच अभी कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें