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जल निगम कर्मियों ने किया प्रदर्शन

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बलरामपुर। मांगों को लेकर जल निगम कर्मचारियों ने दफ्तर परिसर में शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इसके बाद जल निगम संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। मांगे पूरी न होने पर कर्मचारियों ने जल निगम मुख्यालय पर 16 से 22 फरवरी तक क्रमिक अनशन और 23 फरवरी से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है।
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जिला स्तरीय संघर्ष समिति के संयोजक एक्सईएन जल निगम इंजीनियर मनोज कुमार सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की सभी नगरीय व ग्रामीण पेयजल, सीवरेज, ड्रेनज व नदी प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्य करने वाले विभागीय कर्मचारियों को 22 प्रतिशत सेंटेज राशि वेतन के रुप में दी जाती थी, जिसे एक अप्रैल 1997 में घटाकर मात्र 12.5 प्रतिशत कर दिया गया। विभाग की व्यवस्था पर अतिक्रमण कर दूसरी संस्थाओं जैसे लघु सिंचाई विभाग, प्रोजेक्ट कार्पोरेशन व यूपीसीएलडीएफ आदि को विभागीय योजनाएं आवंटित की जा रही है।
दूसरी संस्थाएं महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर नहीं उतार सकी हैं। एक जनवरी 2006 से 11 मार्च 2010 तक का छठवें वेतन का एरियर व 10 वर्षों का बोनस बकाया है। पेंशनरों को 164 के स्थान पर 142 प्रतिशत महंगाई राहत का भुगतान किया जा रहा है। धरने के दौरान कर्मचारियों ने बकाया एरियर, बोनस व वेतन का भुगतान शीघ्र करने की मांग की। इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति पर भी शीघ्र निर्णय लेने को कहा।
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जल निगम संघर्ष समिति के जिला सह संयोजक अरविंद कुमार, मीडिया प्रभारी इंजीनियर अंगद प्रसाद वर्मा, कोषाध्यक्ष इंजीनियर पीयूष कुमार वर्मा, शैलेश कुमार त्रिपाठी व विवेक श्रीवास्तव आदि ने धरने को संबोधित कर आरपार की लड़ाई एलान किया। धरने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर सीएम को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। इस दौरान धरने में इंजीनियर पवन कुमार सिंह, जग जीवन राम, विवेक श्रीवास्तव, बनवारी लाल जायसवाल, राम सुंदर, प्रागदत्त पांडेय, सुरेश शुक्ल व हेमंत कुमार यादव आदि शामिल रहे।
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