बलरामपुर। इस्लाम ने हमेशा शांति व मानवता का संदेश दिया है। इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद साहब मानवता के आदर्श हैं। इस्लाम तलवार के बल पर नहीं बल्कि मानवता और अच्छे संस्कारों के बल पर फैला है। यह बात मौलाना नूरूल हसन खां अज़हरी तथा मौलाना सय्यद अहमद रज़ा ने कही। वह मंगलवार को मोहल्ला अंधियारी बाग में मोहम्मद फैसल फरीदी के आवास पर आयोजित सीरत ए मुस्तफा और कुरआन का संदेश कार्यक्रम में हिस्सेदारी कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मोहम्मद साहब ने अपने जीवन में सच्चाई, ईमानदारी, नैतिकता, शांति और मानवता के लिए एक उच्च मानक स्थापित किए जो सभी के लिए प्रेरणादायक है। इस दौरान मुसव्वर अली के पांच वर्षीय पुत्र मोहम्मद अरहान खान ने कुरान पढ़ने का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अहमद रज़ा ने कहा कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ ही कामयाबी की ओर ले जाने वाली कुरआन की शिक्षा भी दिलाई जानी चाहिए।
कार्यक्रम को जामा मस्जिद के इमाम हाफिज़ अब्दुल हमीद, मुफ्ती मुज़म्मिल अख़्तर, मौलाना फैयाज अहमद मिस्बाही, मौलाना जैनुल आब्दीन सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।