बलरामपुर। ‘सूक्ष्म जीव विज्ञान में उभरते रुझान’ (इमरजिंग ट्रेंड्स इन माइक्रो बायोलॉजी) विषय पर एमएलके महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। सेमिनार में पांच देशों व नौ राज्यों के विषय विशेषज्ञ एवं शोध छात्रों ने भाग लिया। विषय विशेषज्ञों ने सूक्ष्म जीव की विशेषता एवं उपयोगिता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
सेमिनार का शुभारंभ डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल आरके मोहन्ता, प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय, प्रो. अमृतेश चंद्र शुक्ल, प्रो. एनके सिंह, प्रो. आरके सिंह व डॉ. राजीव रंजन ने दीप जलाकर किया।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट टेक्सास (अमेरिका) के निदेशक डॉ. विवेक प्रताप सिंह ने कहा कि सूक्ष्मजीव पृथ्वी पर उपस्थित जीवों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण घटक हैं। सभी जानते हैं कि सूक्ष्मजीव प्राय: मनुष्यों में बहुत से रोग उत्पन्न करते हैं। ये पशुओं तथा पादपों में भी रोग उत्पन्न करते हैं, परंतु इसका यह अर्थ नहीं है कि सभी सूक्ष्मजीव हानिकारक ही हैं। उन्होंने कोविड-19 की चर्चा करते हुए सूक्ष्म जीवों के स्वरूपों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही कोरोना के कारण शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी आवश्यक जानकारी दी।
डीबी वाशिंगटन विश्वविद्यालय सेंट लुइस मिसौरी अमेरिका के डॉ. शैलेंद्र मौर्य ने बच्चों में होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि मनुष्यों के गुणसूत्र में पाये जाने वाले हिस्टोन प्रोटीन किस प्रकार जीन को सक्रिय करने में भूमिका निभाते हैं।
अवध विश्वविद्यालय के प्रो. शैलेंद्र कुमार ने विश्व व भारत की वर्तमान जनसंख्या को केंद्र बिंदु मानते हुए सूक्ष्म जीवों की भूमिका पर प्रकाश डाला। किस प्रकार सूक्ष्म जीवों से वातावरण को बचाया जा सकता है, इस बारे में भी उन्होंने जानकारी दी।
कार्यक्रम में अतिथियों ने स्मारिका का विमोचन भी किया। इस दौरान महाविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. एनके सिंह, डॉ. एसबी सिंह, डॉ. जेपी तिवारी, डॉ. वीके शुक्ल, डॉ. जीपी श्रीवास्तव, डॉ. डीडी तिवारी व डॉ. आरके पांडेय को स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. शिव महेंद्र सिंह, डॉ. राहुल यादव, डॉ. श्रवण कुमार व डॉ. राहुल कुमार आदि मौजूद रहे।