बलरामपुर। आकांक्षी जनपद की श्रेणी में होने के कारण बलरामपुर जिले में कार्यरत शिक्षकों का तबादला मूल जनपद में नहीं हो पा रहा है। आकांक्षी जनपदों में कार्यरत शिक्षकों का अंतर जनपदीय तबादला किया जाए ताकि वह शिक्षा के साथ पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन भी नई ऊर्जा के साथ कर सकें।
पांच वर्षों से लंबित शिक्षकों का प्रमोशन तत्काल शुरु कराया जाए। 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत नवनियुक्त शिक्षकों के अवशेष वेतन(एरियर) का भुगतान तत्काल कराया जाए।
यह बातें सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार साकेत मिश्रा को सौंपते हुए यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिलाध्यक्ष देव कुमार मिश्र ने कही।
उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का विगत पांच वर्ष से प्रमोशन नहीं किया गया है जिससे शिक्षक प्रमोशन पाने के अधिक से वंचित हो रहे हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मो. फैजान अंसारी ने कहा कि कई वर्षों से जिले के अंदर शिक्षकों का तबादला व समायोजन नहीं किया गया है जिससे विद्यालयों का शिक्षक-छात्र अनुपात प्रभावित हो रहा है।
उपाध्यक्ष बलवीर सिंह ने कहा कि शिक्षकों व कर्मचारियों का मंगहाई भत्ता वृद्धि 30 जून 2021 तक रोक दी गई थी। कोरोना काल में शिक्षक व कर्मचारियों की कर्मठता, समर्पण, लगनशीलता एवं सेवाभाव को देखते हुए मंहगाई भत्ते पर लगी रोक को तत्काल हटाया जाए।
यूनाईटेड टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने 5 सूत्रीय मांग पत्र पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार को सौंपते हुए उनके यथाशीघ्र निस्तारण की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय यूटा के संयुक्त मंत्री कौशल कुमार, जिला संयोजक अभिषेक ओझा, जिला कोषाध्यक्ष पीयूष कुमार शर्मा व मीडिया प्रभारी सचिन कुमार शुक्ल आदि मौजूद रहे।