बलरामपुर। बालू का अवैध खनन रोकने में लापरवाही बरतने वाले एक दरोगा व दो सिपाही को एसपी ने निलंबित कर दिया है। इन लोगों पर आरोप है कि यह लोग क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की रोकथाम करने में कोई प्रयास नहीं किया। यह बात एसपी की जांच में सामने आई है। एसपी की इस कार्रवाई से खनन माफियाओं तथा उनकी मदद करने वाले सफेदपोशों में हड़कंप मच गया है।
विदित हो कि क्षेत्र में सफेद रेत का काला कारोबार बदस्तूर होता है। रात के अंधेरे में खनन माफिया प्रतिबंधित पहाड़ी नालों से बालू का अवैध खनन कर महंगे दामों में बेंचते हैं। प्रशासन ने खनन के लिए चार स्थानों पर लाइसेंस भी दे रखा है।
अवैध खनन करने वाले लाइसेंस धारकों से एक रवन्ना लेकर दो से तीन ट्राली का अवैध खनन करते हैं। कहा यह भी जाता है कि खनन माफियाओं के इस अवैध कारोबार में कई सफेदपोश व रसूखदारों को हिस्सा भी मिलता है।
गत 10 फरवरी को गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र में रजडेरवा क्षेत्र में बालू के अवैध खनन की सूचना मुखबिर से एसपी को मिली। एसपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए खुद मौके पर जाकर जांच की।
एसपी ने मौके पर अवैध बालू लदा वाहन भी पकड़ा। छानबीन के दौरान यह बात सामने आई कि क्षेत्र में तैनात बीट दरोगा हरिश्चंद्र यादव, मुख्य आरक्षी अशोक कुमार यादव तथा आरक्षी मनीष चौरसिया बालू का अवैध खनन रोकने का प्रयास ही नहीं कर रहे हैं।
एसपी ने तीनों लोगों को प्रथम दृष्टया कार्यों के प्रति लापरवाही बरते जाने के आरोप में निलंबित कर दिया है। तीनों लोगों के विरूद्घ विभागीय जांच शुरु कर दी गई है। एसपी की इस कार्रवाई से खनन माफियाओं तथा उनको संरक्षण देने वाले सफेदपोशों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने अवैध खनन की धर पकड़ तेज कर दी है। खनन निरीक्षक ने भी छापेमारी शुरु कर दी है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश भी दिया है।