महराजगंज तराई (बलरामपुर)। अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से स्थानीय थाना क्षेत्र के लोनियनपुरवा गांव में एक मासूम की मौत हो गई है। लोनियनपुरवा गांव में अज्ञात बीमारी से आधा दर्जन लोग पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाल दिया है। मरीजों का इलाज करने में टीम जुट गई है। वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि बीमारी का इलाज कराने के बजाए झाड़फूंक के चक्कर में पड़ने से ही मास्ूम की मौत हुई है।
थाना महराजगंज तराई के लोनियनपुरवा निवासी गोविंद चौहान ने बताया कि उनका बेटा मनोज चौहान (7) कई दिनों से अज्ञात बीमारी से पीड़ित था। बच्चे का इलाज कराने के साथ-साथ उसकी झाड़फूंक भी बहुत कराई गई लेकिन बच्चे पर दवा और दुआ दोनों का कोई असर नहीं हुआ। मनोज की बुधवार को मौत हो गई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि सही इलाज न कराने और झाड़फूंक के चक्कर में पड़ने से ही मनोज की मौत हुई है।
गांव में छोटू (9), दद्दू (5), अमित (5), मझिला (45) व मोहिनी (5) भी अज्ञात बीमार से पीड़ित है। ग्रामीणों ने सीएचसी अधीक्षक को सूचना भेजकर गांव में स्वास्थ्य टीम भेजे जाने की मांग की। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है। 108 नंबर एंबुलेंस से सभी मरीजों को सीएचसी तुलसीपुर में इलाज के लिए लाया गया है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि आशा व एएनएम की लापरवाही के चलते लोग बीमारी का शिकार हुए और उन्हें समय से दवाएं नहीं मिल पाई है।
आसपास रखें साफ-सफाई
सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने जिलेवासियों से अपील की है कि घरों के आसपास गंदगी न होने दें। गंदगी के चलते ही संक्रामक बीमारियां पनपती है। दूषित पानी पीकर लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आते है। पानी सदैव उबाल कर ठंडा करने के बाद पीएं।