बलरामपुर। कविता अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। मनुष्य लंबे समय से अपनी कोमल भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए कविता का सहारा लेता रहा है। उसके अपने सुख, दु:ख व जीवन का यथार्थ इन कविताओं में मूर्त रूप लेता रहा है। यह बात सोमवार को साहित्य शाला के संस्थापक महमूदुल हक अज्म बलरामपुरी ने कही। वह नगर क्षेत्र के आदर्श कंपोजिट विद्यालय में महाकवि सुब्रमण्यम भारती की जयंती पर आयोजित भारतीय भाषा उत्सव कार्यक्रम में हिस्सेदारी कर रहे थे।
कहा कि आधुनिक हिंदी कविता में भविष्य के समाज की स्पष्ट तस्वीर देखी जा सकती है। सामाजिक विसंगतियों के विरुद्ध वह आक्रोश ही व्यक्त नहीं करती बल्कि चेतना जगाकर अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्वाह करती है। इससे पहले विद्यालय के छात्रों ने मां सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रशांत, पायल, अंजली सिंह विशाल, रिफा व अमन आदि छात्रों ने कविता पाठ किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा पोस्टर भी बनाए गए।