जरवा। बहराइच के रुपईडीहा बॉर्डर पर चल रहे हड़ताल के बीच बलरामपुर जिले की भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों, पगडंडियों और संपर्क मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
जिला नेपाल से सीधे जुड़ा होने के कारण यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। जरवा, बघेलखंड, गुरुंग नाका, खबरी नाका, कोइलाबास सीमा चौकी और रहिया देवी मंदिर क्षेत्र समेत कई स्थानों पर लोगों का आवागमन छोटे रास्तों और पगडंडियों से होता है। सुरक्षा एजेंसियां इन सभी मार्गों पर विशेष नजर रख रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि रुपईडीहा में चल रहे हड़ताल का जिले की सीमा पर सीधा असर नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और एसएसबी की टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
हाल की कार्रवाई ने बढ़ाई सतर्कता
कुछ समय पहले सीमा क्षेत्र में पुलिस, एसएसबी और अन्य विभागों की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और नशीली दवाएं बरामद की गई थीं। यह खेप नेपाल ले जाने की तैयारी थी। मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थीं और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच जारी है। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
गांव-गांव पहुंच रहीं सुरक्षा टीमें
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि सीमा क्षेत्र में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और एसएसबी की टीमें गांवों में जाकर लोगों से संवाद कर रही हैं। संदिग्ध गतिविधियों, बाहरी व्यक्तियों और वाहनों पर नजर रखने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
तस्करी रोकने में ग्रामीणों की मदद अहम
जरवा के प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सीमा से जुड़े इलाकों में पैदल गश्त बढ़ा दी गई है। ग्राम सुरक्षा समितियों को भी सक्रिय किया गया है। ग्रामीणों से कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या वाहन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का मानना है कि मादक पदार्थ, मानव और पशु तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने में स्थानीय लोगों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
फोटो-23- बलरामपुर के कोयलाबास बॉर्डर पर नेपाल जाने वाले लोगों की जांच करते जवान। संवाद