बलरामपुर। शहर के प्रापर्टी डीलरों के यहां दूसरे दिन शनिवार को भी आयकर अधिकारियों ने जांच की। अफसर पूरे दिन पड़ताल में जुटे रहे। हालांकि इससे जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। जांच के दायरे में आए प्रापर्टी डीलरों ने भी कोई जानकारी साझा नहीं की। बताया जा रहा है कि आयकर अधिकारियों के पास शहर के आधा दर्जन प्रापर्टी डीलरों की सूची है।
शुक्रवार के बाद शनिवार को भी दिनभर चली जांच से अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रापर्टी डीलरों ने आयकर रिटर्न भरने में बड़ा घालमेल किया है। जानकार बताते हैं कि आयकर रिटर्न और बैंक खातों में बड़ा अंतर होने पर ऐसी जांच होती है। इसमें पूरे साल के रिकॉर्ड का मिलान होता है, जिससे जांच में समय लगता है।
शनिवार को तीन प्रापर्टी डीलरों के यहां जांच-पड़ताल की गई। धर्मपुर के साथ भगवतीगंज और सिटी पैलेस माेहल्ले के तीनों प्रापर्टी डीलरों के यहां सुबह से शुरू हुई जांच देर शाम तक चली। दो दिनों से जांच होने से शहर के अन्य काराेबारियों के होश उड़े रहे। वहीं जांच कर रही टीम ने बैंक और थानों से भी संपर्क किया है। बताया जा रहा है कि किसी तरह नकदी मिलने पर उसे थाने में सूचित करके बैंक में ही जमा किया जाना है। फिलहाल अभी किसी तरह की बरामदगी के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
50 लाख से अधिक के बैनामों पर आयकर को मिलती है सूचना
आयकर के जानकार रघुनंदन शुक्ल बताते हैं कि यह जांच बहुत ही गंभीर है। बताया कि जिन जमीनों की मालियत 50 लाख से अधिक होती है, उस जमीन का बैनामा कराने पर एक प्रतिशत टीडीएस जमा होता है। जिससे आयकर को यह जानकारी मिल जाती है कि किसने इतना बड़ा सौदा किया है। इसके साथ ही संबंधित प्रापर्टी डीलर के आयकर रिटर्न के आधार पर यह तय हो जाता है कि आय से अधिक की संपत्ति लिखाई गई है। इसके बाद जांच होनी ही है, प्रापर्टी डीलरों को स्पष्ट करना होगा कि उनके पास संपत्ति कहां से आई।