बलरामपुर के तेंदुआ नगर गांव में सर्पदंश की घटना के बाद मृतक के घर के बाहर बैठे परिजन व अन्य।
बलरामपुर। बरसात में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। बीते पांच दिनों में 11 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। सांप काटने से हो रही मौतों का कारण मरीज का झाड़फूंक के चक्कर में समय से अस्पताल न पहुंच पाना बताया जा रहा है। चिकित्सक ऐसी घटना होने पर तुरंत निकट के अस्पताल पहुंचकर इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं।
जहरीले जंतु के काटने से मौत
हरैया सतघरवा। स्थानीय थाना क्षेत्र के तेंदुआ नगर गांव में रविवार देर रात घर में सो रहे 35 वर्षीय हजरत अली को जहरीले जंतु ने काट लिया। ग्राम प्रधान अहमद हुसैन ने बताया कि उनको रात में करीब 12 बजे सांप ने काट लिया। दो घंटे तक परिजन टालमटोल करते रहे। हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए पीएचसी गुगौली ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। हल्का लेखपाल हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि जहरीले जंतु के काटने से मृत्यु होने की पुष्टि नहीं हुई है।
पांच दिन में 11 घटनाएं
बीते सात जुलाई की रात में बालपुर चौकी निवासी 24 वर्षीय कंचन को सांप ने काट लिया। परिजनों ने पहले झाड़फूंक व घरेलू उपचार कराया। हालत बिगड़ने पर उसे संयुक्त जिला चिकित्सालय लाए। इसी दिन सर्पदंश से घायल सिरसिया गांव निवासी 25 वर्षीय कौशिल्या व परसिया गोसाई गांव निवासी हरिगोविंद पांडेय का इलाज भी अस्पताल की इमरजेंसी में हुआ। बीते पांच दिनों में जिला मेमोरियल चिकित्सालय में तीन और सीएचसी शिवपुरा व तुलसीपुर में दो-दो सहित सर्पदंश की 11 से अधिक मामले आ चुके हैं।
झाड़फूंक में न गवाएं समय
संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस व फिजीशियन डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि सर्पदंश की घटना होने पर लोग झाड़फूंक व घरेलू उपचार करने में समय न गवाएं। मरीज को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लाएं। शीघ्र उपचार शुरू होने पर सर्पदंश के मरीजों की जान बच सकती है।
सभी अस्पतालों में एएसवी उपलब्ध
बरसात में बढ़ी सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए दोनों जिला अस्पताल व सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नैक वेनम (एएसवी) की डोज उपलब्ध करा दी गई है। जिससे आपात स्थित में पीड़ितों का उपचार किया जा सके।
- डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ बलरामपुर