बलरामपुर। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही गांवों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। बाढ़ के साथ बहकर आई गंदगी, मिट्टी से उठने वाली दुर्गंध व पानी में गंदगी फैलने से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। गांवों में बुखार, पेट दर्द, उल्टी-दस्त के मरीज तेजी से बढ़ रहे है।
महराजगंज तराई क्षेत्र में कई जगह मरीजों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर लगाकर मरीजों का उपचार कर रही है। इसके बाद भी अस्पताल आने वाले मरीजों की भीड़ कम नहीं हो रही है। इलाज के लिए प्रतिदिन जिला व ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालय आने वाले 1,800 से दो हजार मरीजों को भीड़ के कारण घंटों परेशान होना पड़ रहा है।
महराजगंज तराई क्षेत्र के बदलपुर, कनहरा, पूरेछीटन, रूपनगर, बरगदही, पटोहाकोट, किठूरा, बेला व मध्यनगर में 100 से अधिक लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गए है। इसी तरह पचपेड़वा के बेनीनगर, झौव्वा, मदरहवा, हरनहवा सुस्ता, भोजपुर व कोल्हुईया सहित जिले के करीब 70 गांवों में संक्रामक बीमारी पांव पसार रही है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि संक्रामक बीमारी फैलने का प्रमुख कारण ग्रामीणों द्वारा दूषित पानी का उपयोग है। गंदा पानी पीने से लोग उल्टी-दस्त व पेट दर्द से ग्रसित हो रहे हैं। कहा कि लोग उबालकर पानी पीएं तो बीमारी नहीं होगी। बुखार से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। बासी भोजन व खुले में रखे कटे फल न खाएं।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि सभी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था है। गांवों में बीमारी फैलने पर लोग विभागीय कंट्रोल रूम के नंबर 7704995639, 9415165574, 9838616121 पर सूचना दे सकते हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम तुरंत गांव पहुंचकर मरीजों का उपचार करेगी।