बलरामपुर। स्कूली वाहनों की फिटनेस में कमियां मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने 15 जुलाई तक विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। सड़क के साथ ही विद्यालयों में भी जाकर वाहनों की फिटनेस की जांच की जाएगी। वाहनों की जांच को लेकर स्कूलों में अफरा-तफरी मची है।
जिले के 167 विद्यालयों में छोटे-बड़े करीब 340 वाहनों का पंजीकरण परिवहन विभाग में है। विभाग ने वाहनों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर मानक तय किए हैं। मानकों की जांच के लिए विभाग ने अभियान शुरू कर दिया है। स्कूली वाहनों के लिए आवश्यक मानक निर्धारित हैं। जैसे स्कूल का नाम, एक आपातकालीन द्वार, क्रॉस शीशे, मजबूत दरवाजे के लॉक, वाहनों में अग्निशमन यंत्र, जीपीएस, स्पीड गवर्नर व सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए।
वाहन 15 वर्ष पुराना न हो। सभी वाहनों में बच्चों की सूची, जन्म, पता व ब्लड ग्रुप लिखा हो। खिड़कियों पर रॉड होना चाहिए। बस का रूट चार्ट लिखा जाए। बस में एक पुरुष और महिला सहायक तैनात हों। बसों के चालक व सहायक ड्रेस में हों। बस के पीछे प्रबंधक व प्रधानाचार्य का नंबर होना चाहिए।
अब तक चार वाहन सीज व 15 का हुआ चालान
पहली जुलाई से चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। एआरटीओ के साथ यात्री कर अधिकारी मदन चंद व आरआई प्रशांत कुमार सिंह ने चार स्कूली वाहनों को सीज किया है। 15 स्कूली वाहनों का चालान कर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनोंं की जांच का अभियान चलाया जा रहा है।
-बृजेश यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी