फोटो-7-बलरामपुर में बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलाती स्वास्थ्यकर्मी।(संवाद)
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बलरामपुर। विटामिन ए की खुराक से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से बच्चे स्वस्थ होते है और बीमारियों से बचाव होता है। बीमारियों से बचाने एवं बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए बाल स्वास्थ्य पोषण माह में पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक अवश्य पिलाएं। बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने में भी विटामिन ए की खुराक काफी कारगर हो सकती है।
जिला महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश वर्मा ने बताया कि विटामिन ए की खुराक लेने से बच्चों के शरीर की एपिथीलियल लेयर मजबूत होती है। यह परत हर बच्चे को रिसपैरेट्री ट्रैक अर्थात श्वसन तंत्र में भी होती है। यदि बच्चे के रिसपैरेट्री ट्रैक की एपिथीलियल लेयर मजबूत रहेगी तो कोविड 19 का वायरस बच्चे के श्वसन तंत्र से भीतर नहीं जा पाएगा और बच्चा कोरोना महामारी से सुरक्षित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने की आवश्यकता है इसलिए सभी अभिभावक अपने बच्चों को विटामिन ए की खुराक अवश्य दें।
उन्होंने बताया कि विटामिन ए की कमी से बच्चों में एनीमिया, आंखों की रोशनी कम होना, आंखों में आंसू न बनना, त्वचा रुखी हो जाना, मुंह में छाले होना और दस्त जैसी समस्या हो सकती है। इन बीमारियों से बचाव के लिए 28 जुलाई से शुरु हुए बाल स्वास्थ्य पोषण माह के दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जानी है। इस माह की सफलता एवं बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए सभी लोग पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक अवश्य पिलाएं।