बलरामपुर। नगर पालिका परिषद की ओर से शहर में किए जा रहे दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया फंस गई है। इसके लिए जारी विज्ञापन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने चार फरवरी 2026 के विज्ञापन के आधार पर दुकानों के आगे आवंटन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही नगर पालिका समेत अन्य प्रतिवादियों से तीन सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई एक अक्तूबर को तय किया है। नपाप प्रशासन भी जवाब दाखिल करने की तैयारी कर रहा है।
मामला रिट-सी संख्या 8488/2026 कपिल गौरव बनाम आदर्श नगर पालिका परिषद जिला बलरामपुर एवं अन्य से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने विज्ञापन को चुनौती देते हुए कहा था कि इसमें आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई थी। दुकानों की संख्या से अधिक आवेदन आने की स्थिति में प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर आवंटन करना उचित नहीं है। सभी आवेदकों को समान अवसर देने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया, जैसे लॉटरी या ड्रा, अपनाई जानी चाहिए। न्यायमूर्ति आलोक माथुर एवं न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने प्रथम दृष्टया प्रक्रिया को मनमाना माना। प्रतिवादियों को तीन सप्ताह और याचिकाकर्ता को प्रत्युत्तर के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। आदेश 14 अगस्त को पारित हुआ। अब नगर पालिका परिषद कार्यालय में पहुंचने पर खलबली मची है। फिलहाल विभागीय अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा।