तुलसीपुर (बलरामपुर)। नगर पंचायत तुलसीपुर में फिर निर्दल प्रत्याशी का दबदबा दिखा। वर्ष 2017 के बाद कहकशां ने फिर जीत हासिल करके राजनीतिक दिग्गजों को चौंका दिया है। वैसे, बागियों की सक्रियता ने यहां उनकी जीत की राह आसान कर दी।
पहली बार 1956 में नोटिफाइड एरिया तुलसीपुर नगर के रूप में गठित हुआ था। वर्ष 1994 में इसे नगर पंचायत का दर्जा मिला। इसके बाद हुए चुनाव में कभी भाजपा तो कभी अन्य ने जीत हासिल की। वर्ष 2012 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उतरे फिरोज पप्पू ने जीत हासिल की थी।
वर्ष 2017 के चुनाव में यह सीट महिला के लिए आरक्षित थी। उस वक्त कुल 10 उम्मीदवार मैदान में थे। निर्दलीय प्रत्याशी कहकशां ने भाजपा की शारदा देवी को हराया था। उस चुनाव में कहकशां को कुल 5070 वोट व भाजपा की शारदा देवी को 4982 वोट मिले थे। इस बार के चुुनाव में निर्दलीय कहकशां ने फिर जीत हासिल की। भाजपा ने यहां पर रंजना गुप्ता को प्रत्याशी बनाया था। ऐसे में पार्टी से बगावत करके तीन अन्य नेता भी मैदान में थे। हालांकि पार्टी ने इसमें से कुछ पर कार्रवाई भी की लेकिन, वह अपना प्रभाव नहीं डाल सकी।