बलरामपुर के उतरौला में मैपिंग करवाने के लिए खड़े मतदाता।-संवाद
उतरौला। विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नो मैपिंग श्रेणी में दर्ज मतदाताओं की सुनवाई प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई। उतरौला विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कुल 16,318 मतदाता हैं, जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इन सभी मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उनके प्रकरणों का निस्तारण सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारियों (एईआरओ) के जरिये शुरू हुआ है।
नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई के लिए प्रशासन द्वारा कुल 20 एईआरओ की तैनाती की गई है। बूथ संख्या 1 से 185 तक के मतदाताओं की सुनवाई तहसील उतरौला, पूर्ति कार्यालय और नगर पालिका उतरौला में की जा रही है। वहीं बूथ संख्या 186 से 301 तक के मतदाताओं की सुनवाई ब्लॉक सभागार गैड़ास बुजुर्ग और राजकीय विद्यालय ईटई रामपुर में हो रही है। इसके अलावा बूथ संख्या 302 से 485 तक के नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई रेहरा बाजार ब्लॉक सभागार, पंचायत भवन गुमाफातमा जोत और पंचायत भवन कममरपुर में की जा रही है।
बुधवार को तहसील उतरौला में नायब तहसीलदार प्रतिमा मौर्य और तहसीलदार वीरेंद्र प्रताप की मौजूदगी में मतदाताओं की समस्याएं सुनी गईं। सुबह से ही नोटिस प्राप्त मतदाता अपने-अपने दस्तावेजों के साथ संबंधित केंद्रों पर पहुंचकर साक्ष्य प्रस्तुत करते नजर आए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नो मैपिंग मतदाताओं को अपने दावे के समर्थन में हाईस्कूल प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, परिवार रजिस्टर की नकल अथवा अन्य वैध दस्तावेज संबंधित एईआरओ के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। साक्ष्य सही पाए जाने पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएंगे। उपजिलाधिकारी उतरौला अभय सिंह ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। बृहस्पतिवार से सदर और तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र में भी नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई शुरू हो जाएगी।