बलरामपुर। आईसीयू या एसएनसीयू में तैनात कर्मियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। अगर यूनिट में बैठकर नास्ता-पानी करने या खाना खाने का फुटेज सीसीटीवी में दिखा तो तत्काल संबंधित अस्पताल के अफसरों के पास लखनऊ में बनाए जा रहे कमांड सेंटर से फोन आएगा। जिला अस्पताल में 16 प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। इसका कमांड सेंटर लखनऊ में बनाया जा रहा है। वहीं से पूरी व्यवस्था की मानीटरिंग की जाएगी।
जिले में कुल तीन जिला स्तरीय अस्पताल है। यहां पर आमतौर पर प्रतिदिन 800 से 900 मरीज इलाज के लिए आते हैं। समस्याओं को लेकर आए दिन अफसरों के पास शिकायतें आती रहती हैं। ऐसे में अब अस्पतालों की निगरानी के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। सीसीटीवी के माध्यम से हरएक व्यवस्था पर सीधी नजर रखी जाएगी। अगर कहीं पर भी कोई समस्या आ रही होगी तो संबंधित जिले के नोडल को फोन कर अवगत कराया जाएगा।
कैमरे के माध्यम से बाहरी व्यक्तियों के साथ ही अवैध वसूली पर भी नजर रखी जाएगी। अगर किसी अस्पताल के क्रियाकलाप के बारे में कोई शिकायत मिलती है तो उसपर कार्रवाई करने की भी योजना है। सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि निर्देश मिला है, कार्रवाई की जा रही है।
यहां लगेगा कैमरा
इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, आईसीयू, एसएनसीयू वार्ड, रजिस्ट्रेशन काउंटर, जनरल वार्ड, प्रयोगशाला, प्रवेश द्वार, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, नर्स काउंटर, एक्स रे काउंटर, ब्लड बैंक, फार्मेंसी।
इन पर रहेगी नजर
चिकित्सक, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति व उनकी गतिविधियों पर नजर रहेगी। स्ट्रेचर व व्हीलचेयर अपनी जगह पर है या नहीं, मरीजों के उपचार व अनावश्यक भीड़ की निगरानी जाएगी। अनाधिकृत लोग व चिकित्सा प्रतिनिधियों पर नजर, सफाई कर्मियों के कार्यों का आकलन, बायो मेडिकल वेस्ट की व्यवस्था, इमरजेंसी में ट्राइएज की उपलब्धता, क्रैश कार्ट, मेडिसिन ट्राॅली की उपलब्धता आदि पर नजर रखी जाएगी। वार्ड में कर्मी मौजूद हैं या नहीं, अस्पताल में कोई मवेशी तो नहीं घूम रहा, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर स्टाफ की मौजूदगी, पर्चा बनवाने की लाइन पर नजर, नियमित तौर पर बेड के चादर बदले जा रहे हैं या नहीं आदि व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।