फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठवें दिन भी आधा शहर व 150 गांव जलमग्न

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे तो आ गया, लेकिन बाढ़ के चलते अभी भी करीब 150 गांव टापू बने हैं। शहर के कई मोहल्लों में अभी भी पानी भरा है। करीब 300 गांवों की बिजली अभी भी ठप है। बाढ़ का पानी घटने के बाद घरों में भरा कीचड़ बाढ़ पीड़ितों के लिए मुसीबत बन गया है। उतरौला तहसील क्षेत्र में अब भी बाढ़ का कहर बरकरार है।
विज्ञापन

राप्ती नदी का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से नीचे आ गया है। बाढ़ पीड़ित भोजन व पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। प्रशासन के राहत व बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रहे है। बजाज चीनी मिल के पास बने 132 केवी उपकेंद्र में बाढ़ का पानी भरने से करीब 300 गांवों की बिजली अभी भी गुल है।
शहर के गदुरहवा, बलुहा, दिपवाबाग, निब्कौनी व अंधियारीबाग मोहल्ले में लगातार पांचवें दिन भी बाढ़ का पानी भरा रहा। उतरौला नगर के आगे बलरामपुर बस्ती स्टेट हाइवे पर अभी भी बाढ़ का पानी बह रहा है।
विज्ञापन

जिले के 250 स्कूलों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा है। इन स्कूलों में बलरामपुर नगर क्षेत्र के भी परिषदीय विद्यालय शामिल हैं। जिला प्रशासन सोमवार से स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। हालांकि जलभराव वाले स्कूलों में पठन-पाठन शुरू हो पाना अभी मुश्किल लग रहा है। जिन स्कूलों से पानी निकल गया है उनकी सफाई शिक्षकों के लिए चुनौती बनी हुई है। बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि सभी बीईओ को निर्देश दिया गया है कि जिन स्कूलों में जलभराव नहीं है उनका संचालन सोमवार से शुरू कराएं। जलभराव वाले स्कूलों में जलनिकासी की व्यवस्था कराएं।
ललिया थाना क्षेत्र में बाढ़ के पानी में बहे जोगिया कला निवासी रामकुमार (45) का शव एक सप्ताह बाद बलरामपुर देहात कोतवाली क्षेत्र में गंगापुर बांकी गांव में पानी में उतराता मिला है। रामकुमार एक हफ्ते पहले श्रावस्ती बार्डर पर बाढ़ के बीच नहर पार करते समय पानी में बह गया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें