बलरामपुर। राष्ट्रीय यूनानी दिवस पर यूनानी तिब्बी कांग्रेस की तरफ से हकीम अजमल खां की जयंती मनाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने यूनानी चिकित्सा पद्धति में उनके योगदान पर चर्चा करते हुए उन्हें याद किया।
कार्यक्रम में हिस्सेदारी करते हुए यूनानी तिब्बी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डॉ. शमीम अहमद ने कहा कि हकीम अजमल खां ने वर्ष 1912 में तिब्बिया कॉलेज की स्थापना की थी। ऐसे में उन्हें यूनानी चिकित्सा पद्धति का जनक माना जाता है। डॉ. हिफजुर्रहमान अंसारी ने कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति में जड़ी-बूटी तथा इससे तैयार तेल की मालिश के जरिए मरीजों का इलाज किया जाता है। डॉ. हाजी ज़ाहिद खां और डॉ. इकबाल ने कहा कि असाध्य रोग में भी यूनानी चिकित्सा पद्धति बहुत ही कारगर है। इस अवसर पर यूनानी चिकित्सक डॉ. नवाब अहमद को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति को जन- जन तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। डॉ. अब्दुल तौव्वाब ने चिकित्सा के क्षेत्र में हकीम अजमल खां के योगदान के बारे में बताया।