बलरामपुर। जिले की सीमा पर बहने वाले कुआनो नदी के दोनों तरफ हरित पट्टी विकसित की जाएगी। इसके लिए नदी के दोनों किनारों की साफ-सफाई कराकर वहां पौधरोपण कराया जाएगा। प्रशासन की तरफ से इसके लिए वन विभाग को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है।
बलरामपुर-गोंडा की सीमा पर बहने वाली कुआनो नदी वर्तमान में तराई के अवशेष के रूप में जानी जाती है। बहराइच जिले के बसऊपुर गांव के पास एक सोते के रूप में इस नदी का प्रवाह शुरु होता है। पश्चिम से पूरब की ओर जैसे-जेसे यह कुआनो नदी आगे बढ़ती है। इसका फैलाव बढ़ने के साथ ही उसकी गहराई भी बढ़ती जाती है। इस नदी की विचित्रता जमीन के अन्दर से निकलने वाले कई छोटे-छोटे जलस्रोत हैं, जो नदी में के रूप में बहने के लिए इसे जल उपलब्ध कराते हैं।
उपेक्षा का शिकार होने के कारण नदी से नाले के रूप में मृतप्राय होने वाली कुआनो नदी को संरक्षित किए जाने की पहल कुछ समय पूर्व प्रशासन ने शुरू की है। इसके तहत नदी के तटवर्तीय इलाकों में हुए अतिक्रमण को हटाने के साथ ही जल का प्रवाह बनाए रखने के लिए नदी की बृहद स्तर पर सफाई भी कराई जाएगी। प्रभागीय वनाधिकारी पंकज शुक्ल ने बताया कि कुआनों नदी के दोनों छोर पर हरित पट्टी विकसित करने की कार्य योजना का प्रस्ताव मिला है। जल्द ही इसका क्रियान्वयन शुरू कराया जाएगा।