बलरामपुर के हलौरा गांव में तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजड़े में बंधी गई बकरी।-संवाद
जरवा(बलरामपुर)। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग रेंज तुलसीपुर अंतर्गत ग्राम हलौरा में तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। यहां लगे पिंजरे की बकरी को बदला गया है, दरअसल पहले बंधी बकरी बोल नहीं रही थी। साथ ही ट्रैपिंंग कैमरा भी लगाया गया है।
हलौरा निवासी अब्दुल अहद ने बताया कि अजय कुमार, ब्रह्मदीन, राकेश मिश्रा आदि के खेतों में तेंदुआ आए दिन दिखता है। लैबुढ़वा गांव और सरयू नहर के बीच सम्मय माता के मंदिर के पास लगे घने गन्ने में तेंदुए ने निवास बना रखा है। अब्दुल रफीक ने बताया कि पूर्व में बंधी बकरी काफी डर गई थी, जिससे वह रात में बोल नहीं रही थी। मंगलवार को वन विभाग ने बकरी को बदल कर दूसरी बकरी बांधी है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि बकरी को बदलकर दूसरी और बड़ी बकरी को रखा गया है। मौके पर दो दिन पूर्व कैमरा भी लगाया गया था लेकिन, तकनीकी गड़बड़ी के कारण फोटो ट्रैप नहीं हो पा रही थी। ऐसे में दूसरा कैमरा लगाया जा रहा है।
जंगली जानवर ने बकरी को बनाया निवाला
जरवा (बलरामपुर)। रामपुर रेंज अंतर्गत ग्राम खखरा में सोमवार शाम जंगली जानवर ने बकरी को निवाला बना लिया। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर कोई पगचिह्न नहीं मिले हैं।
खखरा गांव के कन्हैयालाल की पत्नी गांव के बाहर बकरी चराने गई थीं। तभी गन्ने के खेत से निकले जंगली जानवर ने एक बकरी को दबोच लिया। शोर सुनकर ग्रामीणों के इकट्ठा होने पर जंगली जानवर बकरी को छोड़कर भाग गया। लेकिन तब तक बकरी के पीछे का पूरा हिस्सा जंगली जानवर खा चुका था।
रेंजर प्रभात वर्मा ने बताया कि सूचना मिली थी। मौके पर टीम सहित जाकर निरीक्षण किया गया। गांव वालों को जागरूक करते हुए घटनास्थल पर ट्रैपिंग कैमरा लगाया गया है। मौके पर तेंदुए या किसी जंगली जानवर के पगचिह्न नहीं मिले हैं। (संवाद)