बलरामपुर। विकास भवन में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों ने नलकूपों के नालियों व कुलाबों की सफाई और छुट्टा जानवरों की समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग पुरजोर उठाई। उन्होंने सम्मान निधि का पैसा खाते में न आने का भी मुद्दा उठाया। कार्यक्रम में डीएम व सीडीओ के न आने पर किसानों ने आक्रोश भी जताया।
किसान दिवस का शुभारंभ जिला कृषि अधिकारी आरपी राना व कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के अध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा ने किया। खरहर खड़ही के किसान राजेश कुमार तिवारी व रामबरन ने छुट्टा जानवरों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। कहा कि क्षेत्र में इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। दिन में जहां सड़कों पर राहगीरों के लिए परेशानी का सबब हैं वहीं, रात में किसानों की फसल चट कर जाते हैं।
रामपुर बगनहा के प्रगतिशील किसान रामकरन ने गांव में विद्युतीकरण न होने की शिकायत की। कहा कि विद्युतीकरण न होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है। सदवापुर के किसान कृष्ण कुमार सिंह ने सरयू नहर के कटे तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की। प्रार्थना पत्र देकर कहा कि तटबंध कटने से बाढ़ आने पर हर साल खेतों में पानी भर जाता है। जिससे सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है।
किसान नेता शशि भूषण शुक्ल उर्फ क्रांति ने नलकूपों के नालियां व कुलाबों की सफाई कराने की मांग की। कहा कि नालियां की सफाई न होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों की समस्याओं को सुना और शीघ्र निस्तारण का आश्वासन भी दिया।
किसान दिवस में जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी के न पहुंचने पर किसानों ने आक्रोश जताया। दिलेदार, हरिसरन व राम उजागर ने बताया कि उच्चाधिकारियों के न आने पर किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण नहीं हो पाता है। किसान दिवस के प्रति अधिकारी उदासीन हैं। कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दूबे, अग्रणी बैंक प्रबंधक अंकित गुप्ता व उप संभागीय कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
वितरित किया अरहर का बीज
किसानों को कृषि विभाग की तरफ से अरहर का बीज वितरित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के अध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा ने किसानों को खरीफ व रबी फसलों की बोआई के बारे में जानकारी दी। साथ ही मोटे अनाज की खूबियों को बताते हुए इसकी खेती के लिए क्षेत्रफल बढ़ाने की अपील भी की। मत्स्य वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने किसानों को मछली पालन के संबंध में जानकारी दी। कहा कि आधुनिक तरीके से मछली पालन कर किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं।