बलरामपुर/हरैया सतघरवा। सोहेलवा जंगल से निकले जमधरा पहाड़ी नाले की कटान में गौरीपुरवा गांव समाहित हो चुका है। कटान से प्रभावित 58 बेघर परिवारों ने गांव से 100 मीटर दूर सड़क के किनारे अपना ठिकाना बनाया। अभी भी पहाड़ी नाले की कटान का खतरा कम नहीं हुआ है। अब सड़क कटान की जद में आ गई है। यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य न हुआ तो सड़क के किनारे बसे परिवारों को पहाड़ी नाला कटान करके बेघर कर देगा।
ग्राम पंचायत नेवलगंज का मजरा गौरीपुरवा पर जमधरा पहाड़ी नाले की कटान का कहर टूट चुका है। ग्रामीण बुधई, राजबहादुर यादव, तीरथा देवी, बालकराम, रामराज, दिनेश, सीताराम, सुनीता, राम आशीष, रमेश व रामरूप मौर्य बताते हैं कि उनका घर पांच वर्ष पहले जमधरा पहाड़ी नाले की कटान में विलीन हो चुका है। बताया कि गांव से 100 मीटर दूर स्थित सड़क के किनारे अपना आशियाना बनाया था। अब पहाड़ी नाला सड़क की तरफ कटान कर रहा है। कटान की जद में सड़क के किनारे बसे लोगों का घर आ रहा है।
100 बीघे से अधिक खेत भी पहाड़ी नाला बर्बाद कर चुका है। खेत में बालू होने से फसल की पैदावार भी नहीं हो पा रही है। पिछले वर्ष पहाड़ी नाला के किनारे आधा-अधूरा कटानरोधी कार्य कराया गया था। पूरा कार्य न होने के चलते नाले के कटान पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यदि बरसात से पहले कटान को रोकने का काेई ठोस उपाय नहीं किया गया तो सड़क के साथ दोबारा बसे ग्रामीणों पर कटान का संकट मंडराएगा। सड़क के किनारे बने घरों के कटने से गांव के लोग बेघर हो जाएंगे। (संवाद)
अभी तक नहीं शुरू हो सका कटानरोधी कार्य
ग्रामीणों का कहना है कि गौरीपुरवा गांव के पास जमधरा पहाड़ी नाले के किनारे कटानरोधी कार्य कराने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं कराया गया है। यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो सड़क के किनारे दोबारा बसे गौरीपुरवा गांव के लोग पहाड़ी नाले के कटान से बेघर हो जाएंगे।
बाढ़ खंड के इंजीनियरों को प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी
सदर तहसील के गौरीपुरवा गांव के पास जमधरा पहाड़ी नाले में कटानरोधी कार्य कराने के लिए ग्रामीणों ने प्रार्थनापत्र दिया है। बाढ़ खंड के इंजीनियरों को कटानरोधी कार्य का प्रस्ताव तैयार कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन से बजट मिलने के बाद कटानरोधी कार्य कराया जाएगा। - संजीव कुमार यादव, सदर एसडीएम