बलरामपुर। अब गोशाला में रहने वाले पशुओं के भरण-पोषण का पैसा डीबीटी के माध्यम से गोशालाओं के खाते में भेजा जाएगा। पंचायत सचिव अपने ग्राम पंचायत में संचालित गोशाला में पशुओं की संख्या का विवरण पोर्टल व मोबाइल एप पर अपलोड करेंगे। अधिकारियों की संस्तुति के बाद गोशालाओं के खातों में धनराशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस माह की धनराशि डीबीटी के माध्यम से ही भेजी जा रही है।
जिले में पशुपालन विभाग के 79 गोशालाओं में 7587 पशुओं को संरक्षित किया गया है। अभी तक इन पशुओं के भरण-पोषण के लिए पशुपालन विभाग को बजट मिलता था। जिला स्तर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा गोशालाओं को भरण-पोषण की धनराशि दी जाती थी। अब यह धनराशि प्रदेश मुख्यालय से गोशालाओं के बैंक खाते में सीधे भेज दी जाएगी।
सीवीओ डॉ. श्याम नगीना राम ने बताया कि गोशाला से संबंधित पंचायत सचिवों को गोवंश की संख्या के सापेक्ष भरण-पोषण की मांग पोर्टल व मोबाइल एप के माध्यम से करना होगा। संबंधित ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी व पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्वीकृति करने के बाद सीवीओ व सीडीओ के संयुक्त हस्ताक्षर वाली रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी पड़ेगी। रिपोर्ट अपलोड होने के बाद निदेशालय से सीधे डीबीटी के माध्यम से गोशालाओं के बैंक खाते में धनराशि भेजी जएगी। हर माह में इसी प्रक्रिया के बाद पशुओं के भरण-पोषण की धनराशि मिलेगी।