बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में जांच करते कोतवाली जरवा उप निरीक्षक जीयुत यादव व अन्य ।-संवाद
जरवा। नेपाल में पांच मार्च को होने वाले आम चुनाव को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा मंगलवार से पूरी तरह सील कर दी गई है। छह मार्च तक किसी भी तरह की सामान्य आवाजाही पर रोक रहेगी। इस निर्णय का असर सीमावर्ती इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। जहां रोज चहल-पहल रहती थी, वहां सोमवार को सन्नाटा पसरा है।
सीमा से सटे इलाकों में सुबह से ही सुरक्षा बलों की गतिविधियां तेज रहीं। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त करती रहीं। आने-जाने वालों की तलाशी ली गई और उन्हें वापस लौटा दिया गया। सीमा के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर सख्ती बढ़ा दी गई है। भारत से सटे नेपाल के दांग जिले से बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यहां के बाजारों में आते हैं। खासकर तुलसीपुर, बालापुर, मणिपुर और बरदौलिया बाजार में नेपाली ग्राहकों की नियमित आवाजाही रहती है। सीमा सील होने के बाद इन बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम रही।
तुलसीपुर के व्यापारी श्याम बिहारी दुकान ने कहा कि रोज इस समय नेपाली ग्राहक आ जाते थे। आज सन्नाटा पसरा है। अनिल लाठ ने कहा कि होली के पहले बाजार में रौनक बढ़ जाती है। रंग-गुलाल, कपड़े और मिठाई की बिक्री अच्छी होती है। इस बार उम्मीद थी कि नेपाल से भी ग्राहक आएंगे, लेकिन सीमा बंद होने से बिक्री पर असर पड़ेगा। मणिपुर बाजार के राम कुमार ने बताया कि तीन दिन लंबा समय होता है। छोटे दुकानदारों के लिए हर दिन मायने रखता है। सीओ डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।