बलरामपुर। त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव की सोमवार को काउंटिंग कराई गई। काउंटिंग के बाद बाकी बची जिले की 300 ग्राम पंचायतें भी संघटित हो गई हैं जिससे गांव की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। जिले के संघटित 499 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों व सदस्यों को पहले ही शपथ दिलाई जा चुकी है।
जिले के एक ग्राम पंचायत में प्रशासक की तैनाती होगी। पंचायत चुनाव न होने के चलते गैसड़ी ब्लॉक के हरनहवा सुस्ता में सरकार का गठन नहीं हो सका है। काउंटिंग में जीत दर्ज करने वाले दावेदारों का प्रमाण पत्र दे दिया गया है।
शीघ्र ही संघटित 300 ग्राम पंचायतों में शपथ ग्रहण समारोह कराया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम श्रुति ने बताया कि जिले के सात ब्लॉकों में एक ग्राम प्रधान, एक बीडीसी व 96 ग्राम पंचायत सदस्य सीटों पर त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव लड़ने वाले दावेदारों के मतों की काउंटिंग सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच के कराई गई।
तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत ओड़ाझार कला में प्रधान पद पर कुल सात दावेदारों ने उपचुनाव लड़ा था। राज देवी ने 331 वोट पाकर जीत दर्ज की जबकि तसरुननाजरीन 284 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहीं।
राज देवी को आरओ व एडीओ पंचायत कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने जीत का प्रमाण पत्र दिया। हरैया सतघरवा ब्लॉक में तुरकौलिया-कोड़री वार्ड संख्या 83 में क्षेत्र पंचायत सदस्य सीट पर 381 वोट पाकर विनीता ने जीत दर्ज की जबकि 318 वोट पाकर गीता दूसरे स्थान पर रहीं।
विनीता को आरओ/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह व बीडीओ सागर सिंह ने जीत का प्रमाण पत्र दिया। एडीओ पंचायत सदर अशोक कुमार दूबे ने बताया कि ग्राम पंचायत लुचुइया में 15 वार्डों, ग्राम पंचायत सेखुईकला के 13 वार्डों व न्याय पंचायत गोंदीपुर के ग्राम पंचायत बहेरेकुइयां में छह वार्डों में जीत दर्ज करने वाले ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रमाप पत्र वितरित कर दिया गया है।
गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक के ग्राम पंचायत पकड़ी भुवारि में ग्राम पंचायत सदस्य सीट पर अर्जुन ने जीत दर्ज की है। श्रीदत्तगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत मझारी वाछिल के नौ वार्डों, ग्राम पंचायत नंदमहरा के तीन वार्डों और ग्राम पंचायत गिद्घौर के दो वार्डों में ग्राम पंचायत सदस्य सीट के विजई दावेदारों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
ब्लॉक उतरौला, गैसड़ी व पचपेड़वा में भी ग्राम पंचायत सदस्य सीटों पर जीत दर्ज करने वाले दावेदारों को प्रमाण पत्र दिया गया है। डीएम ने बताया कि जिले में कुुल 800 ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराया गया था जिसमें से 499 ग्राम पंचायतें ही संघटित हो पाई थी। संघटित सभी ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों व सदस्यों को शपथ दिलाई जा चुकी है। बाकी बचे असंघटित 300 ग्राम पंचायतों में एक प्रधान के साथ जिले के सभी नौ ब्लॉकों में 3106 ग्राम पंचायत सदस्य सीटों पर उपचुनाव कराए गए जिसमें 3006 सीटों पर एकल नामांकन के चलते दावेदारों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। ग्राम पंचायत सदस्य के चार सीटों पर नामांकन पत्र नहीं भरे गए। 96 सीटों पर एक से अधिक दावेेदारों के चलते मतदान कराकर मतगणना कराई गई और विजई दावेदारों को प्रमाण पत्र दे दिया गया है। उपचुनाव से संघटित हुई 300 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों व ग्राम पंचायत सदस्यों को शीघ्र ही शपथ दिलाई जाएगी और खाते खुलवाकर गांवों के विकास पर फोकस किया जाएगा। गैसड़ी ब्लॉक के हरनहवा सुस्ता ग्राम पंचायत में प्रधान सीट अनुसुचित जन जाति के कोटे में आरक्षित की गई थी लेकिन ग्राम पंचायत में अनुसूचित जन जाति का कोई व्यक्ति नहीं है इसलिए वहां चुनाव नहीं हो सका है। हरनहवा सुस्ता में राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश पर शीघ्र ही प्रशासक की तैनाती की जाएगी।