बलरामपुर। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती शुक्रवार को किसान दिवस के रूप में मनाई गई। विकास भवन परिसर में आयोजित समारोह में 33 किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर किसान खुशी से निहाल हो गए। साथ ही खेती किसानी को लेकर अन्य को जागरूक करने का संकल्प किसानों ने लिया।
किसान सम्मान दिवस का शुभारंभ विधायक सदर पल्टूराम, तुलसीपुर कैलाशनाथ शुक्ल व जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने फीता काटकर किया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने किसान दिवस के बारे में जानकारी देते हुए सरकार की योजनाओं के बारे में बताया।
डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने कहा कि आज पूरे देश में किसान सम्मान दिवस मनाया जा रहा है। कहा कि बाढ़ की वजह से जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई थी, उन्हें फसल बीमा का लाभ दिलाया जा रहा है। अभी तक जनपद में अनुदान के रूप में कम समय में सबसे ज्यादा किसानों को लाभ दिलाया गया। कार्यक्रम में योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभिन्न स्टाल भी लगाए गए थे।
इस अवसर पर सीडीओ संजीव कुमार मौर्य, जिला कृषि अधिकारी आरपी राणा, ब्लॉक प्रमुख गोविंद सोनकर, मनोज तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रबी फसल उत्पादन में नियामतजोत के मोहम्मद रउफ, महाराजगंज के महेंद्र शुक्ल, मसूर में राम देव व बृजकिशोर, सरसों में इंद्रजीत व शारदा, खरीफ में अभरन व अखिलेश कुमार को जनपद स्तर पर सम्मान से नवाजा गया।
शाकभाजी की खेती में राकेश कुमार, गीता देवी, शिवकुमार, राजेश कुमार, संचित राम, केशव राम, राम निवास, राम अभिलाष, दुर्गा प्रसाद, रक्षाराम, हकीमुल्ला, फसीउल्ला, प्रद्युम्न सिंह, राजेंद्र प्रसाद सिंह, अब्दुल्ला, सफातुल्ला, रामचंद, चौधरी हैदर हुसैन, सऊद अहमद, शफीक, सुल्तान खान सहित 33 किसानों को सम्मानित किया गया।
किसान सम्मान दिवस में सम्मानित किए गए नन्हकू प्रसाद ने कहा कि आज सम्मान पाकर खुशी हो रही है। युवाओं को खेती के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। परशुराम ने कहा कि खेती करके सम्मान पाना बड़ी बात है। हकीमुल्ला ने कहा कि सम्मान से खुशी मिलती है।
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के सभागार में शुक्रवार को किसान सम्मान समारोह में प्रगतिशील किसान राम शब्द वर्मा ने खेती किसानी के तौर तरीकों के बारे में जानकारी दी। अध्यक्षता केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके वर्मा ने की।
संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक मत्स्य डॉ. सियाराम कनौजिया ने किया। डॉ. प्रमोद कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। किसानों ने केंद्र पर सब्जियों की पौधशाला, मशरूम इकाई व प्राकृतिक खेती की इकाई का भ्रमण कर नवीन तकनीकों को सीखा।