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Balrampur News: बाढ़ पीड़ितों को शरणालयों में मिलेगा ठिकाना

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बलरामपुर। राप्ती नदी में बाढ़ आने पर तीनों तहसीलों के 110 गांवों में तबाही मचती है। बाढ़ पीड़िताें के लिए जिले में पहले से तैयारी की गई है। जिले में संसाधनों से लैस 19 बाढ़ शरणालय तैयार कर दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को शरणालयों में रहने का ठिकाना मिलेगा। यहां पीड़ितों के खाने-पीने के साथ रहने की व्यवस्था पर अफसरों की टीमें नजर रखेंगी।
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नेपाल व कुसुम बैराज से पानी छोड़े जाने पर राप्ती में बाढ़ की तबाही मचती है। राप्ती नदी की बाढ़ से जिले की तीनों तहसीलों में कम से कम 110 गांव प्रभावित होंगे। इसमें सदर तहसील में 59, उतरौला में 29 व तुलसीपुर में 22 गांवों में राप्ती नदी की बाढ़ का सबसे अधिक असर रहता है। तुलसीपुर तहसील में 17 पहाड़ी नालों के बाढ़ का असर होता है। बाढ़ प्रभावित गांवों के पीड़ितों को तत्काल मदद मुहैया कराने के लिए पहले से इंतजाम किए जा रहे हैं। गांवों में बाढ़ शरणालय तैयार कर दिए गए हैं। सदर तहसील में सात, तुलसीपुर तहसील में सात व उतरौला तहसील में पांच बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। सभी बाढ़ शरणालयों में आधुनिक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। यहां पीड़ितों को रहने के साथ ही खाने-पीने के भी इंतजाम रहेंगे। (संवाद)

तीनों तहसीलों में यहां बने बाढ़ शरणालय


सदर तहसील में सहकारी समिति चकवा, श्रीनगर, पंचायत भवन ललिया, पंडित राम दुलारे स्मारक विद्यालय घुघुलपुर, एमपीपी इंटर कॉलेज बलरामपुर, किसान इंटर कॉलेज गौरा चौराहा व जूनियर हाईस्कूल गोड़वा मथुरा में बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे। तुलसीपुर तहसील में प्राथमिक विद्यालय लौकहवा, जूनियर हाईस्कूल महराजगंज, नचौरा, प्राथमिक विद्यालय गोविंदपुर पिपरा, मल्दा, किसान इंटर कॉलेज गनेशपुर व जूनियर हाईस्कूल जैतापुर में बाढ़ शरणालय रहेंगे। उतरौला तहसील में लालताप्रताप चौधरी महाविद्यालय सहदेइया, राजकीय इंटर कॉलेज दारीचौरा, बीज गोदाम हॉटन रोड उतरौला, तहसील मुख्यालय व आदर्श महाविद्यालय पिड़िया खुर्द हासिमपारा को बाढ़ शरणालय बनाया गया है।
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टीमें संभालेंगी जिम्मेदारी



सभी बाढ़ शरणालयों पर गठित टीमें पीड़ित को मदद मुहैया कराने में जिम्मेदारी निभाएंगी। प्रत्येक टीम में जिला व तहसील स्तरीय अधिकारी के साथ लेखपालों को भी शामिल किया गया है। इसमें कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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- पवन अग्रवाल, डीएम
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