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नाविकों व गोताखोंरों को बाढ़ से बचाव संबंधी दिया गया प्रशिक्षण

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बलरामपुर। स्थानीय नाविकों व गोताखोंरो को बाढ़ से बचाव संबंधी एक दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार को डीएम श्रुति की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में दिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने विभिन्न गतिविधियों से स्थानीय नाविकों व गोताखोरों को बाढ़ से बचाव के बारे में टिप्स दिए।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम ने किया। एसपी हेमंत कुटियाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल, एएसपी अरविन्द कुमार मिश्र, एसडीएम सदर अरुण कुमार गौड़, उतरौला डॉ. नागेंन्द्र नाथ यादव, तहसीलदार उतरौला रोहित कुमार मौर्य, तहसीलदार तुलसीपुर केजी त्रिपाठी, सीओ सिटी वरुण कुमार मिश्र व सीओ उतरौला आरआर सिंह की मौजूदगी में राज्य आपदा मोचक बल की तरफ से गतिविधियां की गईं।
आपदा प्रबंधन सलाहकार सचिन मदान ने एसडीआरएफ टीम के सदस्यों का परिचय कराया। एसडीआरएफ टीम के प्लाटून कमांडेंट श्याम बाबू ने कहा कि थोड़ी सावधानी व जागरुकता से आपदा के समय तमाम लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है।
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एसडीआरएफ सर्च व रेस्क्यू का कार्य करती है। 112 डायल कर मदद ली जा सकती है। राहुल चौरसिया ने कहा कि हर साल बाढ़ से उत्तर प्रदेश में 22 प्रतिशत क्षेत्रफल प्रभावित होता है।
विभिन्न सामानों से तैयार किए गए राफ्ट से बचाने में मदद मिलेगी। जेरीकेन, स्कूटर व बाइक के ट्यूब और बोतल से राफ्ट तैयार करने के तरीके बताए गए। डूबते व्यक्ति को दूर से मदद पहुंचनी चाहिए जिससे मदद देने वाले को कोई खतरा न हो। रस्सी से डूबते को बचाना आसान तरीका है। नाव में क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाएं। ऋषि कुुमार ने प्राथमिक चिकित्सा के बारे में जानकारी दी।
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