बलरामपुर। आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अब संयुक्त जिला चिकित्सालय में फायर फाइटिंग प्लांट की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है। 2.10 करोड़ रुपये खर्च कर पूरे अस्पताल भवन को फायर सेफ्टी युक्त बनाया जाएगा। अस्पताल में लगने वाला फायर फाइटिंग प्लांट पूरी तरह ऑटोमेटिक होगा। अभी तक अस्पताल की सिर्फ एक मंजिल पर ही आग से बचाव के इंतजाम हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में ऑटोमेटिक फायर प्लांट की स्थापना के लिए शासन को दो करोड़ 10 लाख 46 हजार रुपये रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ ही इसके पहले चरण में कार्य पूरा कराने के लिए खर्च होने वाली 50 प्रतिशत धनराशि करीब 1.05 करोड़ रुपये की धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है। बजट राशि मिलने के बाद संयुक्त जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इसके तहत अस्पताल के दो मंजिला भवन में फायर फाइटर प्लांट के तहत पाइप लाइन बिछाने का कार्य कराया जाएगा। पाइप लाइन बिछाने के बाद अस्पताल परिसर में ही फायर फाइटिंग प्लांट के लिए टैंक का निर्माण कार्य होगा।
आग लगने पर तुरंत सक्रिय हो जाएगा प्लांट
अस्पताल परिसर में कहीं भी शार्ट सर्किट होने अथवा आग लगने की घटना पर स्वचालित फायर फाइटर प्लांट स्वत: ही क्रियाशील हो जाएगा। इसके तहत सबसे पहले अस्पताल की बिजली सप्लाई बंद होगी। इसके बाद पाइप लाइन के जरिए जिस स्थान पर आग लगी होगी, वहां पानी के फौव्वारे से आग पर काबू पाने का कार्य होगा।
अभी तक सिलेंडर से ही बुझाई जाती थी आग
अभी तक अस्पताल में सिर्फ पहली मंजिल पर ही आग बुझाने की व्यवस्था उपलब्ध थी। ऊपरी मंजिल पर आग पर काबू पाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। आग लगने पर अस्पताल में इसे बुझाने के लिए फायर पाइप लाइन तक नहीं थी। सिर्फ अग्निशमन रोधी सिलेंडर की मदद से ही आग पर काबू पाया जा सकता था।
सीएमएस डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि अस्पताल में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए फायर फाइटिंग प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूरे अस्पताल परिसर में पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। जल्द ही प्लांट का कार्य पूरा कराया जाएगा।