बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में बने सचिवालय में बाहरी व्यक्तियों के काम करने की शिकायतों को लेकर पंचायत राज विभाग सख्त हो गया है। अब पंचायत भवन में बाहरी व्यक्ति द्वारा कंप्यूटर पर भुगतान संबंधित अन्य काम करते पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय ने सभी सहायक विकास अधिकारियों को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही जिला परियोजना प्रबंधक गत दिनों में कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा की गई समीक्षा में सचिवालय में स्थापित कंप्यूटर के माध्यम से निजी व्यक्ति व ब्लॉकों पर तैनात संविदा कर्मियों से ग्राम पंचायतों के खातों का संचालन का खुलासा हुआ है।
आयुक्त की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया है कि ग्राम पंचायतों के वित्तीय कार्यों की संचालन बाहरी व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है।
जबकि ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर संचालन के लिए पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। बावजूद इसके ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव की मिलीभगत से सचिवालय में बाहरी व्यक्तियों का बोलबाला रहता है। बाहरी व्यक्ति ही कंप्यूटर से विकास कार्यों को डोंगल के माध्यम से भुगतान करते हैं। इस पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायतों के विभिन्न योजनाओं से संबंधित बैंक खातों से भुगतान का कार्य पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान व पंचायत सहायक के माध्यम से ही कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद भी यदि किसी ग्राम पंचायत में बाहरी व्यक्ति व ब्लॉक के कर्मचारियों से कार्य लिए जाने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव व ग्राम प्रधान को भी कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा। ग्राम सचिवालय में बाहरी व्यक्तियों से काम न लिया, इसकी निगरानी सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत करेंगे।