बलरामपुर। लापता व्यक्ति की करोड़ों रुपये की जमीन के फर्जी बैनामे के मामले में तीन लेखपाल और डीडीओ समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अनूप कुमार पांडेय ने एफआईआर का आदेश दिया था। थाने में 22 फरवरी को ही आदेश की प्रति प्राप्त कराने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
कोर्ट आदेश पर भी एफआईआर न दर्ज होने पर अमर उजाला में संवाद न्यूज एजेंसी ने माई सिटी में खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार शाम को तीन लेखपाल, एक जिला पंचायत सदस्य समेत 10 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस ने एफआईआर में तीन लेखपाल (नाम अज्ञात), अधिवक्ता किरतापुर निवासी राज किशोर मिश्र, वकील की पत्नी सुमन, पूर्व प्रधान संतराम, जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पाल यादव, परमेश्वरदत्त की पत्नी विमला देवी व बेटा ज्ञान प्रसाद और दीपक उर्फ पप्पल को आरोपी बनाया है। पूरे फर्जीवाड़े में अब उन तीनों लेखपालों का रिकॉर्ड राजस्व विभाग से जुटाया जा रहा है।
यह था मामला
रेहरा गांव निवासी हवलदार तिवारी ने सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि भाई परमेश्वरदत्त की जमीन ग्राम सोनापार, किरतापुर और रेहरा में स्थित है, जिसकी वर्तमान कीमत करोड़ों रुपये है। परमेश्वरदत्त पंजाब में रहते थे। वर्ष 2000 में वे तीर्थ यात्रा पर गए और वहीं से लापता हो गए। परिवार को उनके लापता होने की जानकारी थी, लेकिन आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर राज किशोर मिश्र नामक व्यक्ति ने साजिश रची। आरोप है कि संबंधित गांवों के हल्का लेखपालों से मिलीभगत कर परमेश्वर दत्त को मृत दर्शा दिया गया। उन्हें अविवाहित बताया गया है, इसके बावजूद दीपक उर्फ पप्पल, ज्ञान प्रकाश को पुत्र बताकर और विमला देवी पत्नी के रूप में फर्जी वरासत दर्ज करा दी गई थी। फर्जी वरासत दर्ज होने के बाद राज किशोर मिश्र की साजिश के तहत उनकी पत्नी सुमन, संत राम (पूर्व ग्राम प्रधान) तथा नरसिंह पाल यादव (जिला पंचायत सदस्य) के नाम करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन का बैनामा करा दिया।
सीजेएम ने 19 फरवरी को दिया था आदेश
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 19 फरवरी को एफआईआर का आदेश दिया। 22 फरवरी को प्रभारी निरीक्षक को आदेश की प्रतिलिपि प्राप्त करा दी गई। प्रभारी निरीक्षक रेहरा बाजार दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि जमीने बैनामे में फर्जीवाड़े के मामले में न्यायालय के आदेश पर 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।