देहात बलरामपुर। प्रशासन की लाख कवायदों के बावजूद यूरिया वितरण में अनियमितता थमने का नाम नहीं ले रही है। धान की टॉप ड्रेसिंग के लिए किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। यूरिया के लिए किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।
सहकारी समितियों पर भोर पहर से ही लाइन लगाने के बावजूद अधिकांश किसानों को मायूसी ही हाथ लगती है। यूरिया की किल्लत का फायदा समिति के कर्मचारी उठा रहे हैं और यूरिया के लिए निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये किसानों से वसूला जा रहा है। किसानों ने यूरिया वितरण में अनियमितता पर अंकुश लगाए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है।
शनिवार को मंडी समिति में यूरिया के लिये लाइन लगाए किसान उमाशंकर, जयराम, अवधराम, ननकू, रमेश, ननके, रामबरन, श्याम नरायन, प्रताप, मंशा, जगदीश व रामकिशुन आदि ने आक्रोश जताते हुए कहा कि धान व गन्ने की फसल में यूरिया डालनी है। यूरिया न मिलने के कारण धान की टॉप ड्रेसिंग नहीं हो पा रही है।
गन्ने व धान की फसल में यूरिया की आवश्यकता को देखते हुए किसान सहकारी समितियों पर लाइन लगाने को विवश हैं। मंडी समिति में भी यूरिया वितरण की जानकारी होने पर हम लोग भोर पहर से ही लाइन लगाए हैं लेकिन यूरिया मिलने की संभावना बिल्कुल नहीं है। वहीं कुछ किसानों ने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की समितियों पर यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद जरूरतमंद किसानों को यूरिया नहीं दी जाती है।
यूरिया की कालाबाजारी कर समिति के लोग निर्धारित मूल्य से अधिक पैसा वसूल रहे हैं। यूरिया की किल्लत से परेशान किसान मजबूरी में अधिक मूल्य देकर यूरिया खरीद रहे हैैं। यूरिया के लिए समितियों पर लाइन लगने के साथ ही किसानों को लाठियां भी खानी पड़ती हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से यूरिया वितरण में अनियमितता पर अंकुश लगाए जाने तथा किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।