बलरामपुर। जिले के किसी भी क्रय केंद्र पर पहले दिन बृहस्पतिवार को गेहूं बेचने के लिए कोई किसान नहीं पहुंचा। जिले के 700 से अधिक किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया। पंजीकरण कराने वाले किसानों को अब गेहूं की फसल तैयार होने का इंतजार है। जिले के 54 क्रय केंद्रों पर 15 जून तक पंजीकृत किसानों से गेहूं की खरीदारी की जाएगी।
किसानों को जारी होने वाले ऑनलाइन टोकन में मोबाइल पर गेहूं बेचने वाले क्रय केंद्र के नाम का मेसेज आएगा। डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि मूल्य समर्थन योजना के तहत 2021-22 में किसानों से गेहूं खरीद गुरुवार से शुरु कर दी गई है। किसानों से गेहूं खरीदने के लिए जिले में पांच क्रय एजेंसियों के 54 क्रय केंबनाए गए हैं। फसल तैयार न होने के चलते पहले दिन जिले के किसी भी केंद्र पर खरीद शुरु नहीं हो सकी है।
गेहूं बेचने के लिए अब 700 से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। जारी होने वाले ऑनलाइन टोकन में किसानों को क्रय केंद्र का नाम व अन्य जरूरी जानकारी का मैसेज उनके मोबाइल पर भेजा जा रहा है। इस बार सभी किसानों से गेहूं 15 जून तक खरीदा जाएगा। शासन से गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य नहीं जारी किया गया है।
गेहूं की सफाई के लिए लगे पावर क्लीनर
जिले के सभी क्रय केंद्रों पर ई-पॉश मशीनों से गेहूं खरीदने की तैयारी की जा रही है। यूपीएसएस, एफसीआई, पीसीएफ, खाद्य विभाग व मंडी समिति क्रय एजेंसियां किसानों से 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदारी करेंगी। जिले के सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं की सफाई के लिए पावर क्लीनर लगवाए गए हैं। किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सफाई शुल्क देना होगा। साफ-सुथरा गेहूं लाने वाले किसानों से खरीदारी की जाएगी। धान बेचने वाले किसानों को पंजीकरण कराने की जरुरत नहीं है।
संशोधन कर किसान को पुन: लॉक करना होगा। किसान के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, जिसके माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया लॉक कर पूरा किया जाएगा। किसान का मोबाइल, बैंक खाता व आधार नंबर यूनीक रखा गया है। शासन ने पहले 44 क्रय केंद्र खोलने की अनुमति दी थी। बाद में 10 क्रय केंद्र बढ़ा दिए गए हैं। पांचों क्रय एजेंसियों को केंद्र बढ़ाकर खोलने का निर्देश दिया गया है।