-बलरामपुर के मणिपुर बाजार में खाद लेने के लिए जुटी किसानों की भीड़ ।-संवाद
हरैया सतघरवा/बलरामपुर। बरसात के मौसम में धान और गन्ने की बोआई चल रही है। लेकिन खाद की किल्लत ने किसानों को परेशान कर दिया है। मणिपुर, चौधरीडीह और बरदौलिया बाजार सहित आसपास के इलाकों में यूरिया खाद की कालाबाजारी हो रही है। ऐसे मं किसानों को निजी दुकानदारों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
क्षेत्रीय किसान सहजराम गौतम, रामप्रसाद, पप्पू, बाबूराम, दिनेश कुमार और अमिरका ने बताया कि उन्हें 400 से 600 रुपये प्रति बोरी के दाम पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है, जबकि इस खाद की सरकारी दर करीब 266 रुपये है। सहकारी समितियों से खाद नहीं मिल पा रही है। कड़ी धूप में लाइन में घंटों खड़े रहने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। प्राइवेट दुकानों पर यूरिया के साथ जबरन अन्य खाद थमाई जा रहा है। किसान दिनेश कुमार ने भी रोष जताया। कहा कि निजी दुकानों पर 450 रुपये में यूरिया बेची जा रही है। साथ में जबरन अन्य महंगे रासायनिक उर्वरक भी थमाए जा रहे हैं।
सहकारी समितियों से भी मायूस लौट रहे किसान
साधन सहकारी समितियों की स्थिति भी चिंताजनक है। सहकारी समिति कौवापुर के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यूरिया के विषय में हमें कोई जानकारी नहीं है। हमारे पास 350 बोरी यूरिया है, जिसे 56 ग्राम पंचायतों में वितरित करना है। जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र खरवार ने कहा कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। यदि कोई दुकानदार कालाबाजारी कर रहा है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।