बलरामपुर। संयुुक्त जिला चिकित्सालय में दर्द, बुखार व एंटीबायोटिक समेत कई जरूरी दवाएं नहीं हैं। इससे मुफ्त इलाज की आस लेकर अस्पताल आने वाले मरीजों को आवश्यक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। दर्द से परेशान मरीज निशुल्क दवाओं के लिए भटकने के बाद मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने को मजबूर हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में एमोक्सीक्लेव 625, पैरासीटामल 650, सेफिक्सिम व एसिक्लोपैरा समेत कई जरूरी दवाओं का अकाल है। शुक्रवार को काउंटर से दवा लेकर लौट रहे किशुन ने बताया कि डॉक्टर ने एमोक्सीक्लेव 625 लिखी है, लेकिन काउंटर से 375 एमजी वाली गोली थमा दी गई। बुखार की पैरासीटामल भी 500 एमजी वाली मिली है। अफसरजहां ने बताया कि पैर में घाव हो गया है, उसी की दवा लेने आईं हैं। अस्पताल में सेेफिक्सिम टेबलेट नहीं है, कर्मचारी ने इसे बाहर से खरीदने को कहा है। दीपशिखा व सरोज ने बताया कि डॉक्टर ने गैस के लिए ओमेज टेबलेट लिखी है, लेकिन वह काउंटर पर नहीं मिली।
बाहर से दवा खरीदने को मजबूर
संतोष कुमार ने बताया कि अस्पताल में दवा न मिलने पर मेडिकल से 435 रुपये खर्च हुए हैं। पम्मी ने बताया कि तीसरी बार दवा लेने आए हैं, हर बार 620 रुपये की दवा बाहर से खरीदनी पड़ती है। सरफराज ने बताया कि एक साल से माइग्रेन की दवा चल रही है। हर बार डॉक्टर कुछ दवा व सिरप बाहर से लिख देते हैं।
भेजी गई मांग
दवाओं की खपत अधिक होने के कारण सभी तरह की दवाएं उपलब्ध करा पाना मुश्किल रहता है। एसिक्लोपैरा समेत कई दवाओं की ऑनलाइन मांग भेजी जा चुकी है। सप्लाई मिलते ही सभी मरीजों को काउंटर से मुफ्त दवा मिलने लगेगी।
- डॉ. एके यादव, प्रभारी सीएमएस