बलरामपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में छूटे हुए परिवारों का सत्यापन अभियान चलाकर किया जाएगा। जिले में 25 जनवरी तक सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। आशा कार्यकर्ता गांवों में घर-घर जाकर छूटे हुए परिवारों की खोज करेंगी। अभियान के तहत माइक्रो प्लान बनाकर डाटा प्रोफार्मा के जरिये छूटे हुए परिवारों को योजना से जोड़ा जाएगा।
योजना के नोडल अधिकारी डॉ. कमाल अशरफ ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के अनुसार जिले में करीब डेढ़ लाख परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। कई परिवार योजना से छूट गए हैं। ऐसे वंचित परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए शासन के आदेश पर जनवरी 2020 में सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
नोडल अधिकारी ने बताया कि सर्वे के लिए डाटा प्रोफार्मा प्रिंट कराया जा रहा है। 10 जनवरी तक यह प्रोफार्मा आशा कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करा दिया जाएगा। कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वेक्षण के आधार पर डाटा प्रोफार्मा तैयार करेंगी। 31 जनवरी तक डाटा प्रोफार्मा विभाग को उपलब्ध करा दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग पहली फरवरी से 15 फरवरी के बीच हरहाल में पूरा डाटा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कराएगा।
जिला सूचना प्रबंधक विदेह पांडेय ने बताया कि सर्वे के आधार पर योजना में केवल उन्हीं परिवारों का नाम जोड़ा जाएगा जो 2011 के सामाजिक व आर्थिक जनगणना की सूची में दर्ज हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह सर्वे ऐसे परिवारों के लिए किया जा रहा है जो जनगणना सूची में तो हैं लेकिन औपचारिकता पूरी न होने के कारण योजना के लाभ से वंचित हैं।