बलरामपुर। कोरोना जैसी महामारी से लोगों को बचाने के लिए शासन ने फेस मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। कोरोना महामारी से फेस मास्क पहनना शानदार उपाय है। सभी लोगों को घरों से निकलने के बाद फेस मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। फेस मास्क के जरिए शासन की तरफ से लोगों के सेहत का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर कार्य करने के दौरान फेस मास्क सुरक्षा करेगा। फेस मास्क का प्रयोग न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डीएम कृष्णा करुणेश व एसपी देव रंजन वर्मा ने गुरुवार को बताया कि शासन ने कोविड-19 से रोकथाम व बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को फेस मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। एपिडेमिक एक्ट के प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों में निकलते समय फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके लिए बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जा सकता है। किसी साफ कपड़े से स्वयं ही तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है।
इस फेस कवर को साबुन से सफाई के साथ धोकर पुन: प्रयोग में लाया जा सकता है। फेस कवर उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा, रूमाल व दुपट्टा आदि को भी फेस कवर के रुप में प्रयोग किया जा सकता है। कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर/मुंह नाक ढकने में प्रयोग होने वाला गमछा आदि का पुन: प्रयोग बिना साबुन से साफ धुलकर ही प्रयोग किए जाएं। एन-95 मास्क का प्रयोग केवल चिकित्सा कर्मियों को ही प्रयोग करने के लिए शासन से संस्तुति है। बिना फेस मास्क के घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों पर जाना एपिडेमिक एक्ट का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।