फोटो-3-बलरामपुर के गदाखौवा में लगा बिजली का खंभा ।-संवाद
पिपरहवा चौराहा। देश आजादी के 77 वर्ष पूरे कर चुका है और गांव-गांव बिजली पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन नैकिनिया ग्राम पंचायत के मजरा गदाखौवा के लोग आज भी बिजली की रोशनी का इंतजार कर रहे हैं। गांव के करीब 40 परिवारों की लगभग 200 की आबादी अब भी अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर है। बिजली विभाग के अवर अभियंता दयाराम सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। कार्यदायी संस्था से संपर्क कर अधूरा कार्य शीघ्र पूरा कराने और गांव में बिजली आपूर्ति शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों के अनुसार कुछ माह पहले गांव में बिजली के खंभे लगाए गए थे। इससे लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही घरों में बल्ब जलेंगे और वर्षों पुरानी समस्या खत्म होगी। लेकिन खंभे लगने के बाद काम बीच में ही रुक गया। अब तक तार नहीं खींचे गए हैं और न ही बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी है। ग्रामीण सहबान, जाकिर, मारूफ, आरिफ, सद्दाम, राजू, अलीम और जुबेर ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। शाम ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को दूसरे गांवों का सहारा लेना पड़ता है, जबकि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। कार्यदायी संस्था के कर्मचारी खंभे लगाकर चले गए। जब पोल खड़े हो चुके हैं तो बिजली आपूर्ति शुरू कराने में देरी समझ से परे है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द तार खिंचवाकर गांव को बिजली से जोड़ने की मांग की है। कहा कि बिजली केवल सुविधा नहीं, बल्कि आज के समय में शिक्षा, संचार और बेहतर जीवन का आधार बन चुकी है।