बलरामपुर। मतदान को लेकर बुजुर्गों में उत्साह दिखा। नई बस्ती के मोहम्मद खान की उम्र 95 वर्ष है। चलने में परेशानी, दो लोग थामे हुए, मगर उनके कदम धीरे-धीरे डीएवी काॅलेज में बने बूथ की ओर बढ़े चले जा रहे थे। उनकी चाल धीमी जरूर थी, लेकिन, जज्बा कम नहीं था। पूछने पर कहा कि यह तो हमें अहसास दिलाता है कि सरकार हमारी है। हमारे वोट से ही बनी है। इसमें भी चूक जाएं, यह कैसे हो सकता।
जिमकौली की तारा देवी की उम्र 70 पार थी, लेकिन वह भी मतदान करने पहुंची थीं। 80 साल की सूर्यकला भी लाठी के सहारे वोट डालने पहुंचीं। लंबी लाइन देखकर वह तख्त पर बैठ गईं। पूछने पर कहा कि वोट देय खातिर आइन हय। थोड़ी देर में पड़ जाए। कहा कि मतदान जरूरी है।
एक हाथ में छड़ी, दूसरे कंधे को थामे परिजन के साथ मतदान करने पहुंचे सुंदरलाल मिश्र का कहना था कि हमारे लिए मतदान आवश्यक है। जिला पंचायत बूथ पर मतदान करने पहुंचीं 70 वर्षीय सोना देवी का कहना था कि मतदान को लेकर अन्य को भी सजग होने की आवश्यकता है।
कुर्सी पर बैठाकर डलवाया वोट
उतरौला (बलरामपुर)। 80 वर्षीय अलीशा को परिजन कुर्सी पर बैठाकर वोट डलवाने के लिए पहुंचे। कहा कि वोट डलाय के बाद चाय पियब। वहीं, तुलसीपुर में 70 वर्षीय राजेंद्र मिश्र भी परिजनों का सहारा लेकर वोट डालने आए थे।