बलरामपुर। सुबह 7.10 बजे का वक्त, एमपीपी इंटर कॉलेज में पहला वोट डालकर बाहर निकले अंशुमान व पूजा से जब मतदान को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि हमने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। मुद्दे की बात की गई तो वह मुस्कुराते हुए यह कहकर निकल गए कि शहर का विकास हो, बस यही इच्छा है। सीबी श्रीवास्तव भी विकास की बात कहकर साफ-साफ कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
डीएवी इंटर कॉलेेज में भी यही हाल दिखा। यहां मतदान करने पहुंचे रामकुमार व हौसिला प्रसाद से जब मतदान को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि वोट देना हमारा फर्ज था। अब आगे की बात न पूछव। एमएलके महाविद्यालय हो या जिला पंचायत, मतदाता खुलकर कुछ कहने से बचते नजर आए। यह बात जरूर रही कि उनमें मतदान को लेकर जागरूकता दिखी। सुबह से ही लोग बूथों पर आने लगे।
मतदाताओं की खामोशी ने नेताओं की टेंशन बढ़ा दी। राजनीतिक दलों के नेता दिन भर किस ओर हवा चल रही है, यही पता करने में लगे रहे। कोई अपने करीबियों से फीडबैक लेता दिखा तो कोई अन्य माध्यम से।
चाय व पानी तक के लिए तरसे लोग
बृहस्पतिवार को मतदान के कारण प्रशासन ने बाजार बंद करने का आदेश दिया था। इसके कारण लोग चाय व पानी तक को तरस गए। मतदान केंद्रों पर विभिन्न पार्टियों के समर्थक भी इससे परेशान दिखे।
अंतिम समय तक चला मनाने का दौर
मतदान के दिन तक नाराज मतदाताओं को मनाने का दौर चलता रहा। विभिन्न दलों के नेता मतदाताओं से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे। कोई फोन करके गिले-शिकवे भुलाने की बात कह रहा था तो कोई अपने खास को उनके पास भेजकर मान मनौव्वल में लगा हुआ था। यहां तक कि हर वार्ड में मतदाताओं को बूथों तक लाने के लिए 20-20 लोग लगाए गए थे।