बलरामपुर। संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलने के बाद भी जिला मेमोरियल चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर मरीजों के उपचार के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। ओपीडी में सुबह नौ बजे तक उनकी कुर्सी खाली रहती है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज बरामदे में दर्द से कराहते रहते हैं। अस्पताल में एआरवी लगाने के नाम पर मरीजों से धन उगाही की जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मेमोरियल चिकित्सालय की ओपीडी में मंगलवार सुबह नौ बजे आठ डॉक्टर सीएमएस डॉ. शारदा रंजन, सर्जन डॉ. रवि लाल, डॉ. रमेश पांडेय, डॉ. बृजेश कुमार यादव, डॉ. हीरालाल, डॉ. उमेश कुशवाहा, डॉ पंकज वर्मा व डॉ राजेश सिंह की कुर्सी खाली मिली। जबकि डॉ. केएन आनंद व डॉ. रिषी श्रीवास्तव ओपीडी और डाॅ. अजय कुमार पांडेय इमरजेंसी में बैठे दिखे।
मरीजों ने बयां किया दर्द
ओपीडी में समदा गांव निवासी कलावती दर्द से कराहती मिलीं। बताया कि बिच्छू के काटने पर रात भर इमरजेंसी में थी सुबह डॉक्टर से दवा लेने आए हैं, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं है। पहलवारा से आए अरविंद कुमार मिश्रा ने बताया कि आंख दिखाने के लिए सवा आठ बजे ही आ गए, लेकिन अब तक डॉक्टर नहीं पहुंचे। सियाराम ने बताया कि बेटा वार्ड में भर्ती है। ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर ने सुबह नौ बजे का समय दिया था, लेकिन अब तक नहीं आए हैं। इसी तरह रिजवान, रामनिवास, दिलीप, पप्पू व संजीव कुमार ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार करते मिले।
एआरवी के लिए वसूली का आरोप
इंजेक्शन काउंटर पर एआरवी लगवा रहे कल्ला भट्ठा निवासी पुत्तू लाल ने बताया कि कुत्ता काटने पर आज तीसरी सुई लगवाने आए हैं। आरोप लगाया कि काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने इसके नाम पर 20 रुपये लिए हैं। दो बार पहले भी इसके लिए पैसा देना पड़ा है।
मॉनीटरिंग के लिए लगाया गया सीसीटीवी
सीएमएस डॉ. शारदा रंजन कोर्ट में गए हुए थे। सुबह नौ बजे मैं वार्ड में राउंड ले रहा था। ओपीडी में बैठने वाले चिकित्सकों की माॅनीटरिंग के लिए सभी कक्ष में सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया गया है। उन्हें समय से ओपीडी में बैठकर मरीज देखने का निर्देश दिया गया है। अनुपस्थित मिले चिकित्सकों से लेट आने का कारण पूछा जाएगा।
- डॉ. राजेश कुमार सिंह, प्रभारी सीएमएस जिला मेमोरियल चिकित्सालय