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सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से की जाएगी बड़े तटबंधों की निगरानी

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बलरामपुर। नदियों व पहाड़ी नालों की कटान को रोकने के लिए बनाए गए तटबंध के संवेदनशील स्थलों पर अधिकारी कैंप लगाकर निगरानी करें। सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से भी बड़े तटबंधों की निगरानी की जाए। यह निर्देश उत्तर प्रदेश शासन के जल शक्ति, सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने मंगलवार को अधिकारियों को दिए।
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वे मंगलवार को जनपद भ्रमण कर तटबंध कटान निरोधक कार्य व बाढ़ बचाओ कार्यक्रम की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तटबंधों के निर्माण व बाढ़ से बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बेलहा-चरनगहिया तटबंध का निरीक्षण करते हुए मंत्री ने अधीक्षण अभियंता बाढ़ खंड से नदी की कटान रोकने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी ली। अधीक्षण अभियंता अवनीश साहू ने बताया कि तटबंध के निर्माण से दो गांवों की 55 हजार आबादी को सुरक्षित किया गया है। तटबंध पर 60 प्रतिशत कार्य पूरा करते हुए नदी की कटान को रोक दिया गया है। शेष 40 प्रतिशत कार्य भी शीघ्र ही पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने जल शक्ति मंत्री को डेट वाइज कराए गए कार्यों की जानकारी भी दी। जल शक्ति मंत्री ने अधीक्षण अभियंता को शेष कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
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जल शक्ति मंत्री ने कहा कि बाढ़ तथा बचाव व राहत कार्य के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं गंभीर हैं। उनके मार्गदर्शन में तटबंधों के निर्माण व बाढ़ में कटान रोकने तथा बचाव व राहत कार्य अच्छे ढंग से किया जा रहा है। बेलहा-चरनगहिया तटबंध कार्य की सराहना करते हुए कहा कि लॉकडाउन के बावजूद 60 प्रतिशत कार्य पूरा करके 55 हजार आबादी को सुरक्षित करना बड़ा कदम है। तटबंध का निर्माण पूरा होने से कई गांव सुरक्षित होंगे।
जल शक्ति मंत्री ने नदी की सिल्ट की सफाई के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ से बचाव के तैयारियों की जानकारी भी ली। इससे पूर्व मंत्री ने हवाई सर्वे के माध्यम से जिले में बाढ़ की स्थिति का जायजा भी लिया। मंत्री को गैसड़ी विधायक प्रतिनिधि अजीज खां ने बताया कि गैसड़ी विधान सभा क्षेत्र में बाढ़ खंड के अफसर पिछले तीन साल से मनमानी कर बजट की बंदरबांट कर रहे हैं। मधवानगर खादर, इमिलिया खादर, सोहना, नैनसुखवा तथा महरी गांव बूढ़ी राप्ती व राप्ती के कहर से हर साल तबाह हो रहे हैं। विभागीय अफसर केवल कागजी घोड़ा दौड़ा रहे हैं।
विधायक प्रतिनिधि ने मामले की जांच कराकर दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन एके सिंह, मुख्य अभियंता गंडक आलोक जैन, अपर मुख्य सचिव इरिगेशन टी वेंकटेश्वर, सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेेश, पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा, सीडीओ अमनदीप डुली, एडीएम अरुण कुमार शुक्ल, सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह, एएसपी अरविंद मिश्रा, अधिशाषी अभियंता बाढ़ खंड केके दीवाकर, एसडीओ बाढ़ खंड एएन अंचल, जेई डीएस त्रिपाठी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह व सीओ सिटी आरआर सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
राप्ती नदी की पूजा कर साफ-सफाई के लिए किया प्रेरित
जिले के दौरे पर आए जल शक्ति, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा बाढ़ नियंत्रण मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने बेलहा-चरनगहिया तटबंध पर राप्ती नदी की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने नदी की पूजा करके लोगों से उसमें गंदगी न फेंकने की अपील भी की। कहा कि नदियां हम सभी के जीवन के लिए अत्यंत लाभदायक होती हैं इसलिए इन्हें साफ-सुथरा रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने अधिकारियों को भी समय-समय पर नदियों की पूजा कर अन्य लोगों को भी प्रेरित करने की बात कही।
ग्रामीणों का आरोप मंत्री जी ने नहीं सुनी समस्या
देहात बलरामपुर। बेलहा गांव के लोगों को इस बात की नाराजगी है कि मंत्री जी ने उनकी समस्या नहीं सुनी। पुलिस ने हम लोगों को मंत्री जी से मिलने ही नहीं दिया। बेलहा व चरनगहिया निवासी पप्पू सिंह, रमेश कुमार, आलोक, हिमांशु सिंह, आनंद प्रताप सिंह, सुखराम, राजू व सफातउल्ला आदि का कहना है कि नदी उनके गांव में कभी भी तबाही मचा सकती है। बाढ़ खंड के अफसर बाढ़ के समय यहां आकर कुछ बोरी बालू व बांस का झाला नदी में डालकर अपना दामन छुड़ा लेते हैं। इन लोगों ने मंत्री व डीएम से मांग की है कि गांव के पास बांध के लिए जो बजट मिला है उसका सदुपयोग किया जाए। अच्छी तरह से मानकपूर्ण काम कराकर गांव की तबाही रोकी जाए।
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