हरैया सतघरवा। लंबे समय से बिजली संकट से जूझ रहे क्षेत्र के लोगों को अब राहत मिलेगी। हरैया बाजार स्थित विद्युत उपकेंद्र पर पांच एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगाने की स्वीकृति मिल गई है। इसकी स्थापना के लिए कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। वहीं पावर हाउस से अब सीधे 33 हजार वोल्ट की लाइन जोड़ी जाएगी, जिससे लो वेाल्टेज, ट्रिपिंग, बार-बार फॉल्ट की समस्या से निजात मिलेगी।
अब तक हरैया पावर हाउस को 33 हजार वोल्ट की लाइन गौरा से जोड़कर बिजली दी जा रही थी। इससे लाइन लंबी होने और ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने के कारण बार-बार लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और कटौती की समस्या बनी रहती थी। नई व्यवस्था के तहत अब 33 हजार वोल्ट की लाइन सीधे पावर हाउस से जोड़ी जा रही है, जिससे तकनीकी बाधाएं दूर होंगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर व भरोसेमंद होगी।
अवर अभियंता अजीत सिंह ने बताया कि पांच एमवीए का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर उपलब्ध हो गया है और पावर हाउस को जोड़ने के लिए 33 केवी की नई लाइन भी तैयार कर ली गई है। इसके चालू होते ही क्षेत्र के करीब 400 गांवों को बेहतर, नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। अभी तक पावर हाउस के तीन फीडरों को बारी-बारी से रोककर बिजली दी जाती थी, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी।
आंदोलन के बाद मिला समाधान
31 मई को पहली बार समस्या को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन किया था। सहकारी गन्ना विकास समिति तुलसीपुर के डायरेक्टर रोहित तिवारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बिजली संकट से त्रस्त होकर पावर हाउस का घेराव कर ताला जड़ दिया था। इसके साथ ही क्षेत्र के आलोक कुमार मिश्रा, रोहित मिश्र, बजरंगी प्रसाद द्विवेदी, दिलशाद अहमद, मनोज कुमार वर्मा, मुन्नालाल गुप्ता आदि लगातार समस्या उठाते रहे। तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल से भी लोगों ने मांग की थी। ग्रामीणों की एकजुटता और लगातार किए गए प्रयास से समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
गर्मी में मिलेगी बड़ी राहत, कारोबार और खेती को भी फायदा
नई व्यवस्था लागू से गर्मी के दिनों में बिजली कटौती से काफी हद तक राहत मिलेगी। व्यापारी नेता रमेश पाहवा ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों, व्यापारियों, छोटे उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी और लोगों का भरोसा बिजली व्यवस्था पर मजबूत होगा। विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने बताया कि क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री से भेंटकर मांग की थी।