बलरामपुर के बरहवा कोट जलाशय का निरीक्षण करती टीम ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। उतरौला तहसील स्थित बरहवा कोट जलाशय में इको टूरिज्म विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। मछली पालन करने के साथ जलाशय संचालकों को इको टूरिज्म से लाभ मिलेगा। यह बातें मत्स्य निदेशक एनएस रहमानी ने सोमवार को जलाशयों व विभागीय परियोजनाओं का निरीक्षण करते हुए कहीं।
निदेशक ने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान मत्स्य विभाग के अधीन संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद उतरौला तहसील के बरहवा कोट जलाशय का निरीक्षण कर ठेकेदार से वार्ता की। कहा कि बरहवा कोट जलाशय में मछली पालन के साथ इको टूरिज्म की भी संभावनाएं हैं, इससे विभाग को लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने ठेकेदार की समस्या सुनी और निस्तारण कराने का निर्देश दिया।
विभाग की तरफ से संचालित तिलहर जलाशय का जी राम जी योजना से सुधार कराने का निर्देश दिया। इसके बाद उतरौला तहसील के जाफराबाद गांव में स्थित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से निर्मित बृहद आरएएस (रिसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम) परियोजना का निरीक्षण किया। योजना की लाभार्थी पियारी देवी ने बताया कि इस वर्ष उन्हें 40 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है। उन्होंने पियारी देवी के प्रयास की सराहना की। भ्रमण के दौरान सहायक निदेशक मत्स्य दीपांशु व मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेवती रमन चौधरी भी मौजूद रहे।