बलरामपुर। पांच हजार तक की आबादी वाले जिले के 57 गांवों में पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र के करीब तीन लाख लोगों को शुद्ध पानी पीने को मिलेगा जिससे लोगों की सेहत दुरुस्त रहेगी। पानी से होने वाली संक्रामक बीमारियों से निजात मिल सकेगी। पानी की टंकियों के निर्माण व पाइप लाइन बिछाने पर करीब 130 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। प्रत्येक गांव में ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। लॉकडाउन के दौरान लोगों को रोजगार दिलाने के लिए गांवों का सर्वे कराया जा रहा है।
एक्सईएन जलनिगम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि लॉकडाउन में कार्यदायी संस्था से जुड़े लोगों की बेरोजगारी दूर कराने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ संस्था के लोग सर्वे कार्य में जुटे हुए हैं। हार्ड एरिया वाले ब्लॉकों के 57 गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण कराने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पांच हजार तक की आबादी वाले ब्लॉक हरैया सतघरवा व पचपेड़वा के छह-छह गांवों में, सदर, तुलसीपुर व गैसड़ी के नौ-नौ गांवों में, श्रीदत्तंगज व उतरौला के चार-चार गांवों में और गेड़ास बुजुर्ग व रेहरा बाजार के पांच-पांच गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण व पाइप लाइन बिछाने का कार्य कराने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्रालय के निर्देश पर जिले के 57 गांवों में शुद्ध पेयजल परियोजना का कार्य शुरू कराया जा रहा है।
बताया कि प्रत्येक गांव के ओवरहेड टैंक निर्माण व पाइप लाइन बिछाने पर करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। केंद्र व प्रदेश सरकार को बजट उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में सर्वे कार्य पूरा होने के बाद डिजाइन और इस्टीमेट शीघ्र भेजा जाएगा। सभी गांवों के ओवरहेड टैंक निर्माण और पाइप लाइन बिछाने में करीब 130 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि जलशक्ति मंत्रालय केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से ग्रामीणों को शुद्ध पानी मुहैया कराने की दिशा में शानदार पहल की गई है। सीडीओ अमनदीप डुली की निगरानी में एक्सईएन जलनिगम ने पानी की टंकियों का निर्माण कराने और गांवों में पाइप लाइन बिछाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है। एक्सईएन जलनिगम को चयनित 57 गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण कराने के लिए सर्वे कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गांवों में सर्वे कार्य के दौरान कार्यदायी संस्था से जुड़े कर्मचारियों को कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से बचने की हिदायत दी गई है। सर्वे के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ, साबुन से बार-बार हाथ धोने, मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करने का सख्त निर्देश दिया गया है।